दमोह नारी शक्ति के उदय से बदलेगा ग्रामीण भारत; जरारू धाम में महिला जनप्रतिनिधियों का ‘नेतृत्व विकास’ प्रशिक्षण संपन्न

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नारी शक्ति के उदय से बदलेगा ग्रामीण भारत; जरारू धाम में महिला जनप्रतिनिधियों का ‘नेतृत्व विकास’ प्रशिक्षण संपन्न
====मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया

“बदलाव का नेतृत्व: स्थानीय सुशासन और उससे परे महिला नेतृत्व को सशक्त बनाना” इस संकल्प के साथ मध्य प्रदेश के दमोह जिले में महिला सशक्तीकरण की एक नई इबारत लिखी गई। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत जनपद पंचायत दमोह के तत्वावधान में बटियागढ़ स्थित जरारू धाम गौ अभ्यारण्य के किसान प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में दमोह जिले की सात जनपदों की चुनिंदा महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर ग्राम पंचायत स्तर की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को प्रशासनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता का पाठ पढ़ाया गया।

सरकार की मंशा: स्वावलंबी और सशक्त नारी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नर्मदा सेवा खंड संस्थान, जरारू धाम के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त बनाना है। आज का यह आयोजन इसी कड़ी का हिस्सा है ताकि महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से प्रभावी बन सकें।

बजाज ने जरारू धाम की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे एक बंजर भूमि आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की परिकल्पना से वनों और गौ-वंश से लहलहा रही है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से गौ-संरक्षण और संवर्धन के कार्यों का अवलोकन करने का भी आग्रह किया।

प्रशासनिक दक्षता और सुशासन पर जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल ने शासन की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा, “आज का यह प्रशिक्षण मात्र शक्ति को समर्पित है। यहाँ से प्राप्त ऊर्जा और ज्ञान के साथ जब ये बहनें अपने क्षेत्रों में लौटेंगी, तो समाज जीवन में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।”

मुख्य वक्ता के रूप में अश्विनी देशमुख (प्रदान संस्था) ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होना अनिवार्य है ताकि वे पंचायत स्तर पर बेहतर सुशासन दे सकें।

सरकारी आदेश और सुव्यवस्थित प्रबंधन

कार्यालय जनपद पंचायत दमोह के पत्र के अनुसार, इस सम्मेलन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। महिला प्रतिनिधियों को कार्यक्रम स्थल तक लाने और वापस छोड़ने हेतु जनपद पंचायत दमोह से विशेष बसों की व्यवस्था की गई थी, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली प्रतिनिधियों को कोई असुविधा न हो।

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