लटेरी: सरस्वती शिशु मंदिर में ‘कुटुंब प्रबोधन’ कार्यक्रम संपन्न, पारिवारिक मूल्यों को बचाने पर दिया जोर

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चाणक्य न्यूज़ इंडिया
जिला ब्यूरो राजेंद्र विश्वकर्मा

लटेरी: स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा ‘कुटुंब प्रबोधन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर के बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य वक्ता का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, प्रांत के पूर्व संयोजक श्री ओमप्रकाश जी सोनी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पारिवारिक एकजुटता का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि आधुनिक व्यक्तिवाद के इस दौर में भारतीय सांस्कृतिक अखंडता को बनाए रखना अनिवार्य है।
पारिवारिक सुदृढ़ता के 6 मुख्य स्तंभ
श्री सोनी ने अपने उद्बोधन में विशेष रूप से उन 6 स्तंभों पर चर्चा की, जो एक परिवार को जोड़े रखते हैं:
भाषा: अपनी मातृभाषा का गर्व से प्रयोग करें।
भूषा (पहनावा): पारंपरिक भारतीय पोशाक का सम्मान करें और उसे धारण करें।
भोजन: दिन में कम से कम एक बार पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करें।
भजन: घर में प्रार्थना, भजन और भक्ति गीतों का सामूहिक गान हो।
भ्रमण (यात्रा): महीने में एक बार परिवार के साथ मंदिर जाएं या कहीं घूमने का कार्यक्रम बनाएं।
स्वदेशी: विदेशी चकाचौंध को त्याग कर स्वदेशी सामान को अपनाएं।
“जब परिवार साथ बैठकर भोजन करता है और सामूहिक रूप से ईश्वर की आराधना करता है, तो आपसी प्रेम बढ़ता है और परिवार टूटने से बचते हैं।” — श्री ओमप्रकाश सोनी
कार्यक्रम का समापन
मुख्य वक्ता के ओजस्वी उद्बोधन के पश्चात उपस्थित नागरिकों ने भारत माता की आरती की। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक भोज में सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ सभी ने भारतीय संस्कारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
मुख्य बिंदु (Highlights):
आयोजक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)।
स्थान: सरस्वती शिशु मंदिर, लटेरी।
उद्देश्य: भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना और सामाजिक सद्भाव बढ़ाना।

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