चाणक्य न्यूज़ इंडिया
ब्यूरो राजेंद्र विश्वकर्मा
पुलिस ने राजस्थान से संचालित एक हाईटेक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए किंगपिन सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस पूरी कार्रवाई का सुव्यवस्थित विवरण निम्नलिखित है:
🛑 ऑपरेशन क्लीन स्वीप: बड़ी सफलता
विदिशा पुलिस ने एक संगठित ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए ₹1.01 करोड़ की संपत्ति और नशीले पदार्थ जप्त किए हैं।
📦 जप्त सामग्री (मशरूका) का विवरण:
मादक पदार्थ: 92.01 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत लगभग ₹9.15 लाख)
लक्जरी वाहन: 04 वाहन (मर्सिडीज, अर्टिगा, स्विफ्ट डिजायर और सुजुकी एक्सेस) – कुल कीमत ₹89.80 लाख
नगद: ₹1,020
🕸️ सिंडिकेट की संरचना (4-लेयर नेटवर्क)
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह एक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह चार स्तरों पर काम कर रहा था:
किंगपिन (मुख्य सप्लायर): मुकेश तंवर (झालावाड़, राजस्थान)। यह थोक माल की सप्लाई करता था।
लोकल वितरक: अनुज साहू, रवि छीपा और संजय तोमर। ये थोक में माल लेकर शहर में फैलाते थे।
डिलीवरी एजेंट (माल पटकने वाले): गोविंद, रोहित, देवेंद्र, वरुण और हर्ष। ग्राहकों से संपर्क और डिलीवरी इनका काम था।
लॉजिस्टिक टीम: विक्की राजपूत और रुपांश चौरसिया। ये वाहनों और सुरक्षित परिवहन का प्रबंधन करते थे।
📱 कार्यप्रणाली: डिजिटल और ‘डेड ड्रॉप’ मॉड्यूल
पुलिस को चकमा देने के लिए गिरोह ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया था:
कॉन्टैक्टलेस पेमेंट: सारा लेनदेन PhonePe, कियोस्क या POS मशीनों के जरिए डिजिटल रूप से होता था।
वेरिफिकेशन: पैसा आने के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए ग्राहक की पहचान सुनिश्चित की जाती थी।
डेड ड्रॉप डिलीवरी: पुलिस से बचने के लिए माल किसी सुनसान जगह (ईंट के नीचे या झाड़ियों में) रख दिया जाता था, जहाँ से ग्राहक उसे उठा लेता था।
कोड वर्ड: ब्राउन शुगर के छोटे पैकेटों को ‘पॉइंट’ या ‘टिकट’ कहा जाता था।
थानावार पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
गिरफ्तार आरोपी जप्ती
सिविल लाइन मुकेश तंवर (मुख्य सप्लायर), अनुज साहू, गोविंद, देवेंद्र, रोहित, रूपांश, नयन दुबे, जितेंद्र। 38.2 ग्राम ब्राउन शुगर, मर्सिडीज, स्विफ्ट, सुजुकी एक्सेस।
कोतवाली वरुण दांगी, रवि छीपा, अनुज साहू, हर्ष श्रीवास्तव, कुशल उर्फ पप्पू। 49.51 ग्राम ब्राउन शुगर, अर्टिगा कार।
बासौदा शहर विक्की उर्फ विक्रम राजपूत। 4.3 ग्राम ब्राउन शुगर, ₹1,020 नगद।
नेतृत्व एवं टीम
यह कार्रवाई डीजीपी कैलाश मकवाना, आईजी संजय तिवारी और डीआईजी राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में एसपी रोहित काशवानी के कुशल नेतृत्व में की गई।
फील्ड कमांड: एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे, सीएसपी अतुल सिंह और एसडीओपी शिखा भलावी।
विशेष भूमिका: निरीक्षक आनंद राज, आर.के. मिश्र, सुरेश सोलंकी, संजय वेदिया सहित पुलिस बल के अन्य जांबाज अधिकारी और आरक्षक।
🚫 आगामी कदम
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया कर रही है ताकि उनके आर्थिक साम्राज्य को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जा सके। विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों में हड़कंप मच गया है।
