*मूडरीधाम पर अक्षय तृतीया पर 31 जोड़ों का निशुल्क विवाह, मंगलवार को निकलेगी रामकथा की भव्य कलश यात्रा*

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*चाक्यण न्यूज, गंज बासौदा।* अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर इस बार समीपस्थ श्री राम जानकी मंदिर, मूड़री धाम में 20 अप्रैल को संपन्न होने जा रहे 31 जोड़ों के निशुल्क सामूहिक विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित हो रही सात दिवसीय श्री राम कथा की भव्य कलश यात्रा आज मंगलवार 14 अप्रैल को मूडरी धाम में निकाली जाएगी जिसकी तैयारियां जोर-शोर से प्रारंभ हो गई हैं।
सामाजिक समरसता और सेवा का यह अनूठा संगम कई वर्षों बाद अब फिर से गरीब कन्याओं के निशुल्क विवाह के आयोजन के रूप में दिखाई देने जा रहा है। आश्रम के पूर्व महंतों द्वारा प्रारंभ की गई इस पुण्यदायी परंपरा को फिर से आश्रम के महंत परशुराम दास जी महाराज द्वारा प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें सभी वर्गों की कन्याओं का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया जाएगा। पहली बार आश्रम परिसर में इतने व्यापक स्तर पर यह आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। विवाह आयोजन से पूर्व धार्मिक वातावरण में संगीतमय श्री रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत के लिए 14 अप्रैल, मंगलवार को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करेंगे। यात्रा प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंचेगी, जहां विधिवत पूजन के साथ कथा का शुभारंभ होगा। कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होंगे। संगीतमय राम कथा का वाचन चित्रकूट से पधार रहे कथा वाचक लोकेन्द्र दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा। श्री राम जानकी मंदिर मूडरीधाम आश्रम के महंत परशुराम दास जी महाराज ने बताया कि भक्तों के सहयोग से विवाह में विदिशा, गंजबासौदा, सागर, उदयपुर, त्योंदा तहसील से शामिल होने वाले 31 जोड़ों को आश्रम एवं श्रद्धालुओं की ओर से गृहस्थी का संपूर्ण आवश्यक सामान निशुल्क प्रदान किया जाएगा, ताकि नवविवाहित जोड़े अपने जीवन की नई शुरुआत आत्मसम्मान के साथ कर सकें। यह पहल न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल बनेगी, बल्कि समाज में सहयोग और संस्कारों का संदेश भी देगी। मूड़री धाम में पूर्व में भी संतों और महंतों द्वारा गरीब कन्याओं के विवाह कराए जाते रहे हैं। समय के साथ यह परंपरा कुछ समय के लिए थम गई थी, लेकिन अब महंत 108 परशुराम दास जी महाराज के सान्निध्य में इस पुनीत परंपरा को पुनः प्रारंभ किया गया है। इससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर की आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें और 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर आयोजित निशुल्क विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होकर नवयुगलों को आशीर्वाद प्रदान करें।

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