संसद में एक ऐसा बिल आने वाला है जो इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा

सारे स्थानों को हमारी सरकार ने ‘पंच तीर्थ’ के नाम से तैयार किया और उस पर करोड़ों रुपये खर्च करके उसको
व्यवस्थित करने का काम किया-पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटैल
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डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर राज्यमंत्री श्री पटैल सहित जनप्रतिनिधियों ने किया माल्यापर्ण
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पथरिया में मनाया गया डॉ.भीमराव अंबेडकर जन्म जयंती समारोह
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छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया
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हमारी सरकार ने हमेशा से ‘पंच तीर्थ’ की बात करें. तो चाहे वो लंदन में हो, चाहे महू में हो, चाहे मुम्बई का हो, जहाँ-जहाँ पर डॉ. भीमराव अंबेडकर जी रहे या उन्होंने दीक्षा ग्रहण की या उन्होंने पढ़ाई की, उन सारे स्थानों को हमारी सरकार ने ‘पंच तीर्थ’ के नाम से तैयार किया और उस पर करोड़ों रुपये खर्च करके उसको व्यवस्थित करने का काम किया। इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने आज पथरिया में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्म जयंती समारोह में व्यक्त किये।

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद और आभार ज्ञापित करते हुये कहा पहली बार मध्य प्रदेश के अंदर, विकासखंड स्तर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती मनाने के लिए व्यवस्था की और पूरे प्रदेश के अंदर हर विकासखंड स्तर पर यह जयंती मनाई जा रही है, उसके लिए सरकार ने वहाँ से राशि भी उपलब्ध कराई और कार्यक्रम में हम सब यहाँ उपस्थित हैं, तो उनका धन्यवाद करना चाहता हूँ, उनकी सोच को सलाम करता हूँ, नमन करता हूँ।
राज्यमंत्री लखन पटैल ने कहा संसद में एक ऐसा बिल आने वाला है जो इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा। महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का बिल आ रहा है और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सभी दलों की एक बैठक रखी है, जिसमें सबसे कहा है कि इस बिल का समर्थन करें ताकि विरोध न हो। तो इस बार ऐसा पूरा विश्वास है कि महिला आरक्षण बिल पास हो जाएगा। वर्ष 2028 और 2029 में जो चुनाव होंगे वह इसी आरक्षण के आधार पर होंगे। 33% सीटें बढ़ जाने से लोकसभा में सीटें बढ़कर के 816 सीटें हो रही हैं और विधानसभा में 345 सीटें होंगी, तो निश्चित रूप से दमोह में चार की छह सीटें होने की संभावना हो जाएँगी। जब छह होंगी तो दो बहनें कोई न कोई यहाँ आकर के बैठेंगी। अब वह कौन होंगी, वो तो उनकी किस्मत में है, लेकिन होंगी ज़रूर, बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। एक बार बहनें मोदी जी के लिए अभिनंदन करें क्योंकि ये बहुत हिम्मत का काम है।

जनपद पंचायत पथरिया के अध्यक्ष खिलान अहिरवार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन अस्पृश्यता और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया और “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।
संतोष दुबे ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता अद्भुत थी। उन्होंने दशकों पहले जो विचार प्रस्तुत किए थे, वे आज भी समाज के मार्गदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के प्रयासों से ही आज सभी वर्ग एक मंच पर बैठकर समानता और एकता का संदेश दे रहे हैं।
पं. राजेंद्र गुरु ने कहा बाबा साहब की प्रतिभा को उस समय के नेताओं ने भी पहचाना और इसी कारण उन्हें भारतीय संविधान निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में सभी राजनीतिक दलों और समाज के वर्गों की भागीदारी यह दर्शाती है कि बाबा साहब केवल एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नेता थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में देश की परिस्थितियाँ अत्यंत कठिन थीं और लोगों को जागरूक करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने दृढ़ संकल्प के साथ समाज को दिशा दी और उनके विचारों से प्रेरित होकर धीरे-धीरे एक बड़ा जनसमूह तैयार हुआ। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े और दलित वर्ग के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि सभी वर्गों के सहयोग से देश में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया, जिसके परिणाम आज भी देखने को मिल रहे हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटैल ने जनप्रतिनिधियों के साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।
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