यूपी के लखनऊ में 4 संदिग्ध आतंकी अरेस्ट हुए। ATS पूछताछ में सामने आया- पाकिस्तान से उन्हें ऑफर था कि तुम लोग दहशत फैलाओ, जितनी दहशत, उतना पैसा मिलेगा…।
बड़े धमाके की फिराक में चारों संदिग्ध आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर रिहर्सल की। इसके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजे थे। बदले में उन्हें हर आगजनी पर 12 हजार रुपए मिलते थे।
शनिवार को चारों आरोपियों को लखनऊ की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। यूपी ATS को शाकिब, विकास गहलावत, लोकेश उर्फ पपला पंडित और अरबाब 5 दिन की रिमांड पर दिए गए। इस दौरान ATS पाकिस्तानी हैंडलर के दिए टास्क के बारे में पूछताछ करेगी।
AK-47 दुबई के आकिब की, ट्रेस किया जा रहा ADG कानून व्यवस्था अमिताभ यश कहते हैं- ये संवेदनशील मामला है। इन लड़कों की ऐज ग्रुप 19 से 27 साल के बीच है। ये लड़के गूगल सर्च में मास्टर है, बहुत तेजी से मैटेरियल सर्च करके जानकारियां जुटाते हैं। चारों लड़कों में साकिब ही सबको डायरेक्शन दे रहा था।
उसको दुबई के अपने भाई आकिब की मदद मिल रही थी। साकिब ने ATS को बताया कि उसकी AK-47 के साथ जो तस्वीर मिली है, वो हथियार दुबई में रह रहे उसके भाई आकिब का है। आकिब की भी कई तस्वीरें एके-47 के साथ मिली हैं। अब ATS ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आकिब के पास ये AK-47 कहां से आई?
आग लगाने के VIDEO कई, लोकेशन और टाइमिंग पता की जा रही अभी तक की छानबीन में सामने आया कि 1 महीने पहले 4 मार्च को इन लोगों ने पिकअप में आग लगाकर उसके वीडियो बनाए थे। ये आगजनी किरतपुर इलाके में हुई थी। चारों लड़कों से मिले 7 मोबाइल में ऐसे और भी वीडियो मिले हैं, अभी हम उनकी लोकेशन देख रहे हैं कि ये घटनाएं कब और कहां-कहां की गई हैं?
जली हुई गाड़ियों की जांच नहीं होती, इसका फायदा उठाया अमिताभ यश कहते हैं- वेस्ट यूपी के बुलंदशहर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, हापुड़ जिलों में पिछले 6 महीने में गाड़ियों, दुकानों और छोटे प्रतिष्ठानों में हुई आगजनी की घटनाओं के रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं, ताकि ये पता लग सके कि इन चारों का इन घटनाओं से क्या कनेक्शन है? जांच एजेंसियां मान रही हैं कि ये लड़के ऐसा इसलिए कर रहे थे क्योंकि गाड़ियों का इश्योरेंस होता है, जलाने के बाद उनकी बहुत ज्यादा जांच नहीं होती थी।
पाकिस्तान से 2 तरह से करते थे संपर्क, ज्यादातर नंबर अफगानिस्तान के अमिताभ यश ने बताया- जांच के दौरान ये भी सामने आया कि ये लोग पाकिस्तान के अबु बकर को 2 तरह से संपर्क करते थे।

1. कॉलिंग के लिए सिंग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे।
2. डॉक्यूमेंट, वीडियो फाइल भेजने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे।
पकड़े न जाए इसलिए VPN का इस्तेमाल करते थे। यही वजह है कि IP एड्रेस ट्रेस करने पर ज्यादा नंबर अफगानिस्तान की लोकेशन के दिख रहे हैं।
यूट्यूब की सर्च हिस्ट्री में लिखा मिला- कैमिकल बम कैसे बनाते हैं शाकिब और अरबाब के मोबाइल के यूट्यूब की सर्च में मिला है- टाइम बम कैसे बनाया जाता है, कैमिकल बम कैसे बनाया जाता है, सटीक निशाना लगाने की टेक्निक क्या हैं?
इन्होंने कई वीडियो देखे भी हैं, कुछ लिंक और वीडियो अबु बकर ने उन्हें भेजे हैं। ये लोग कितना कुछ सीख सके थे, अब ये 5 दिन की रिमांड के बाद ही क्लियर हो सकेगा।
सैन्य ठिकानों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में सामने आया कि यूपी के सैन्य ठिकानों की जानकारी इकट्ठा की थी। कैंट इलाकों के वीडियो तैयार किए थे। ये जानकारी भी पाकिस्तान भेजी गई है। बताया जा रहा है कि यूपी के हिंदू नेता भी इनके टारगेट पर थे। उनके मूवमेंट की भी जानकारी संदिग्ध आतंकियों ने जुटाई थी।
ATS इन चारों लड़कों तक कैसे पहुंची? ATS सोर्स कहते हैं- 4 मार्च, 2026 को बिजनौर में निमिश रस्तोगी की पिकअप वैन में आग लगाई गई थी। उसमें पुलिस ने 12 मार्च को अबुजर और जायद को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक अबुजर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने अपने चचेरे भाई मोहम्मद जैद से मदद मांगी। जैद ने उसे टेलीग्राम एप के जरिए अबू बकर से जोड़ दिया।
अबू बकर ने डायरेक्शन दिया कि हिंदुओं की गाड़ियों में आग लगानी है। इसके बाद अबुजर ने मंदिर के पास वैन में आग लगा दी, घटना का वीडियो रिकार्ड किया और टेलीग्राम से उसे अबु बकर को भेज दिया।
इसके बाद उसके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए। जैद के 12 अलग-अलग ग्रुप से जुड़े होने के सुबूत मिले थे। इस मामले में यूपी ATS और NIA दोनों जांच कर रही हैं। इसी जांच के दौरान साकिब के भी लिंक अबूबकर से मिले, इसके बाद ATS ने साकिब का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लेकर उसे ट्रैक करना शुरू कर दिया था।
[metaslider id="122"]