जालौन में बर्बाद फसल को देख किसान ने सिर पकड़ा, बोला- अब क्या खाएंगे
यूपी में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 72 घंटे में 13 लोगों की मौत हो गई। शनिवार शाम को शुरू हुई बारिश रविवार सुबह भी जारी रही। काशी, गोंडा, सल्तानपुर, जालौन समेत 5 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। 40-50 किमी. की रफ्तार से हवा चली। मथुरा और संभल में ओले भी गिरे।
जालौन में एक किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर सिर पकड़कर खेत में बैठ गया। उसने कहा, “मर गए… पूरी फसल बर्बाद हो गई। कुछ नहीं बचा। अब क्या खाएंगे।”
इससे पहले, शनिवार को बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर कानपुर में देखने को मिला। यहां धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश हुई। ओले गिरे। हैलट अस्पताल में पानी भर गया। अलग-अलग जगहों पर 200 से ज्यादा पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। बरगद का पेड़ चलते ऑटो पर गिर पड़ा। ऑटो ड्राइवर और 60 साल की महिला की मौत हो गई। महिला बेटी के साथ दवा लेने गई थी।
ललितपुर, झांसी और जालौन में भी ओले गिरे। सड़क और खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। इससे गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ। सीतापुर में बिजली गिरने से घर में आग लग गई। मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 7 साल की बच्ची झुलस गई।
आंधी-बारिश और बिजली से कानपुर में 4 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा सीतापुर में 3, वाराणसी, चित्रकूट और ललितपुर में 2-2 लोगों की जान गई।
मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को 23 जिलों में बारिश और 15 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया-

