क्षीर धारा ग्राम योजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न

दुग्ध उत्पादन दोगुना करने 65 ग्रामों का चयन

मध्यप्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में प्रयास तेज

छह माह में 11 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दुग्ध संकलन
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कलेक्टर सभाकक्ष में क्षीर धारा ग्राम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार प्रदेश में पशुपालन विभाग द्वारा “क्षीर धारा ग्राम योजना” एवं “हिरण्यगर्भा अभियान” जैसे नवाचार प्रारंभ किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है।
क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत जिले के 65 ग्रामों का चयन किया गया है। चयनित ग्रामों को आदर्श पशुपालन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत देशी गायों में उन्नत दुधारू नस्ल के बीज से गर्भाधान कराया जाएगा, जिससे पशुधन की गुणवत्ता एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके। बैठक में ग्रामों में आवारा नाटों के बधियाकरण एवं उन्हें गौशालाओं में भेजने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इससे आवारा पशुओं की संख्या में कमी आएगी तथा पशुधन प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा। योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में दुग्ध समितियों का गठन कर दुग्ध संग्रहण केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को दुग्ध विक्रय की बेहतर सुविधा मिलेगी तथा उनकी आय में वृद्धि होगी।
कृषि विभाग द्वारा चयनित ग्रामों में चारा बीज वितरण एवं चारा उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है। वहीं सहकारिता विभाग पात्र एवं इच्छुक पशुपालकों को पशुपालन हेतु किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ उपलब्ध कराएगा। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा 21 मई को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने कहा कि मध्यप्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने के प्रयास अब परिणाम देने लगे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9.67 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन दर्ज किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है, अधिकारियों ने जानकारी दी कि गत छह माह के दौरान प्रदेश में औसतन 11 लाख किलोग्राम से अधिक प्रतिदिन दुग्ध संकलन हुआ है। यह उपलब्धि पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति को दर्शाती है।
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