उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में देश में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है। यहां 27 अप्रैल को पारा 47.6 °C पर पहुंच गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश कैडर के IPS और एडीजी रेल राजाबाबू सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर बांदा की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
राजा बाबू सिंह ने कहा- मैं जानता हूं कि मैं सर्विंग ऑफिसर हूं और सिविल सर्विस कंडक्ट रूल्स से बंधा हूं, लेकिन बांदा मेरा गृह जिला है। वहां प्रचुर प्राकृतिक संपदा और केन-बेतवा जैसी नदियां होने के बावजूद मिस मैनेजमेंट के कारण आज बांदा दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। यह हमारे ऊपर एक कलंक है।
10 साल तक खनन पर लगे पूर्ण प्रतिबंध
एडीजी सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि केन नदी में हो रहे अवैध खनन और पहाड़ियों के कटान को तत्काल रोका जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बांदा, महोबा और हमीरपुर में अगले 10 सालों के लिए माइनर मिनरल (बालू और स्टोन क्वेरिंग) के ठेके पूरी तरह बंद कर दिए जाने चाहिए। जब तक प्रकृति खुद को ‘रिकवर’ न कर ले, तब तक खनन पर रोक अनिवार्य है।
आईपीएस ने कहा कि बांदा का तापमान दुनिया में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड होना चिंताजनक है। अवैध माइनिंग ने नदियों का स्वरूप बिगाड़ दिया है और पहाड़ खत्म होने से जिला ‘हीट चैंबर’ बन गया है। भास्कर की रिपोर्ट ने जिले की उस भयावह तस्वीर को दुनिया के सामने रखा है, जिसने हर जिम्मेदार नागरिक को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
केवल फोटो खिंचवाने के लिए न लगे पौधे
राजाबाबू सिंह ने बताया कि उन्हें हाल ही में तिघरा (ग्वालियर) की बंजर जमीन पर जैव विविधता (Biodiversity) को पुनर्जीवित करने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला है।
उन्होंने यूपी के प्रशासन को सलाह दी कि जुलाई से ही पौधारोपण शुरू कराया जाए और उसे केवल फोटो सेशन न बनाया जाए। बांदा की ओरिजनल और विलुप्त हो चुकी वनस्पतियों को वापस लगाया जाए। बांदा के डीएम और डीएफओ से फोन पर बात कर मास प्लांटेशन की रणनीति पर चर्चा की है।
वीडियो के अंत में उन्होंने बेहद भावुक लहजे में कहा कि यदि आज अवैध खनन नहीं रुका और जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरी ईमानदारी और कमिटमेंट के साथ काम नहीं किया, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। हमें बांदा को इस ‘नारकीय गर्मी’ से बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने होंगे।
पुलिसिंग के साथ प्रकृति का संरक्षण एमपी कैडर के इकलौते आईपीएस, जिन्हें राज्य जैव विविधता बोर्ड (State Biodiversity Board) का पुरस्कार मिला। पीटीएस तिघरा मॉडल: ग्वालियर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) की बंजर जमीन को ‘ईको प्रोजेक्ट’ के जरिए हरा-भरा कर दिया। एक कट्टर पर्यावरणविद् के रूप में जाने जाते हैं। वैदिक जीवनशैली और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स में रामचरितमानस और गीता पाठ शुरू कराने के फैसले से चर्चा और विवादों में भी रहे।
