#जिला अस्पताल से वर्षों का #अटैचमेंट सिंडिकेट ध्वस्त:: भोपाल से हंटर चला तो टूटा छतरपुर का अटैचमेंट कल्चर; 10 डॉक्टरों का बोरिया-बिस्तर बंधा…
मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया
#छतरपुर जिला अस्पताल में लंबे अरसे से अटैचमेंट की ढाल बनाकर जमे चिकित्सकों पर प्रशासनिक हंटर चल गया है। स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल और सागर संभाग के संभागीय संचालक से मिले सख्त निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 डॉक्टरों के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी चिकित्सकों को महज 72 घंटे यानी तीन दिन के भीतर अपने मूल पदस्थापना वाले अस्पतालों में कार्यभार संभालकर उपस्थिति दर्ज कराने का अल्टीमेटम दिया है।
#इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत सर्जरी, निश्चेतना और मेडिसिन जैसे अहम विभागों के विशेषज्ञों को उनके मूल अंचलों में रवाना किया गया है। जारी सूची के अनुसार सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद तौसीफ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मातागुवां (ईशानगर), जबकि निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. सुकृति जैन, डॉ. आशीष शुक्ला और डॉ. नरेन्द्र मिश्रा को सिविल अस्पताल नौगांव भेजा गया है। वहीं मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर, डॉ. सना सिद्दीकी व डॉ. महेन्द्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर, डॉ. रुचि शर्मा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजुराहो, डॉ. जीतेन्द्र अहिरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरिहार तथा डॉ. आनंद चौरसिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ीमलहरा में अपनी सेवाएं देंगे।
#विशेषज्ञों और चिकित्सकों की अपने मूल केंद्रों पर वापसी से जिले के दूरदराज और कस्बाई इलाकों की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं को नई संजीवनी मिलेगी। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इन अंचलों के मरीजों को अब प्राथमिक और विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला मुख्यालय तक का लंबा और खर्चीला सफर तय नहीं करना पड़ेगा, जिससे सीधे तौर पर जिला अस्पताल पर भी मरीजों का बढ़ता दबाव कम होगा।
Collector Office Chattarpur
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