हटा। संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में हटा डाइट में प्रमुख जन गोष्ठी,शिक्षक श्रेणी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन पूजन एवं “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुआ। जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। इस दौरान मंच पर खंड संघचालक श्री दयाराम जी एवं मुख्य वक्ता श्री डॉ.हरिश्चंद्र द्विवेदी,प्रांत संपर्क प्रमुख उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.हरिश्चंद्र द्विवेदी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ विश्व का एकमात्र ऐसा संगठन है जो निरंतर 100 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय है। और व्यक्ति निर्माण और समाज जागरण का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव विविधताओं को समाहित करने वाली रही है। मुगल आक्रमण के काल में भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज में एकता का भाव मजबूत हुआ। इसके बाद स्वामी दयानन्द सरस्वती और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने सांस्कृतिक जागरण का कार्य किया। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक युग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सामाजिक और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संघ की स्थापना राष्ट्रवाद के जागरण और सांस्कृतिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी।
संघ पर 3 बार प्रतिबंध लगाए गए मगर संघ निरंतर आगे बढ़ता गया, संघ ने विभिन्न कालखंडों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान योगदान के चलते 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में स्वयंसेवकों को आमंत्रित किया जाना उल्लेखनीय है। आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन तथा राम मंदिर निर्माण जैसे अभियानों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

अपने संबोधन में उन्होंने “पंच परिवर्तन” के पांच प्रमुख आयामों पर भी प्रकाश डाला—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य। उन्होंने कहा कि इन विषयों को समाज के बीच ले जाकर जागरूकता उत्पन्न करना आज संघ का प्रमुख लक्ष्य है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि “पूरा समाज ही संघ है” और सनातन काल से महापुरुषों द्वारा किए जा रहे राष्ट्रनिर्माण के कार्य को संघ आगे बढ़ा रहा है, जिसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है। प्रमुख जन गोष्ठी का समापन सामूहिक राष्ट्रीय गान द्वारा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री रामलाल पटेल प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख, श्री भईयन जी दमोह जिला प्रचारक, श्री महेंद्र जी सह जिला कार्यवाह,श्री राजीव बद्री सिंह जी जिला संपर्क प्रमुख बड़ी संख्या में शिक्षक गण एवं संघ के जिला,खंड,नगर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
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