भोपाल: रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम की सख्ती

भोपाल नगर निगम ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत हो रही है।
शहर भर में अब तक 1500 से ज़्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं, अकेले गुरुवार को 589 नए नोटिस दिए गए। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद न करने पर सीलिंग की चेतावनी भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की रिहायशी बस्तियों में करीब 30 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा है।
व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से टैक्स वसूलने के बाद अब इन दुकानों को अवैध बताना अन्यायपूर्ण है। साथ ही कई नोटिसों में तारीख और अफसर का नाम न होने से उनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामला अदालत तक पहुंच गया है — अरेरा अलर्ट ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की है, वहीं भोपाल हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर है। अब यह विवाद सिर्फ दुकानदारों और निगम तक सीमित न रहकर रहवासी संगठनों और अदालतों तक फैल चुका है।
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