दमोह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न

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दमोह से जबलपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पहले टू-लेन था, लेकिन केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से मुलाकात एवं निरंतर प्रयासों के बाद इसे फोरलेन में परिवर्तित किया गया- सांसद राहुल सिंह लोधी

बैठक का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की कार्यप्रगति की समीक्षा करना तथा जिले के विकास को गति देने के लिए आवश्यक दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना है

दिशा की बैठक से दमोह जिले को मिलेगी नई दिशा और नई दशा – जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पटेल

विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई- कलेक्टर श्री यादव
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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न
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दमोह से जबलपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पहले टू-लेन था, लेकिन केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से मुलाकात एवं निरंतर प्रयासों के बाद इसे फोरलेन में परिवर्तित किया गया है। सिंग्रामपुर में लगभग 3.5 किलोमीटर के हिस्से में एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित है। इससे सड़क यातायात सुगम होने के साथ वन्यजीवों के आवागमन में भी सुविधा होगी, क्योंकि एलिवेटेड मार्ग के नीचे से वन्यजीव आसानी से गुजर सकेंगे। इस आशय की बात सांसद राहुल सिंह लोधी ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में कही।

सासंद राहुल सिंह लोधी ने कहा बकस्वाहा की ओर से आने वाले मार्ग, मुख्यमंत्री द्वारा एमपीआरडीसी को दिए गए लगभग 74 किलोमीटर लंबे सागर-दमोह मार्ग तथा जबलपुर-सागर फोरलेन को इस प्रकार जोड़ा जा रहा है कि यातायात को नीचे उतरने की आवश्यकता न पड़े और मार्ग सीधे कनेक्ट हो सके। इससे एक सर्किल के रूप में तीनों दिशाओं में आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होने कहा जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाती है। बैठक का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की कार्यप्रगति की समीक्षा करना तथा जिले के विकास को गति देने के लिए आवश्यक दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना है, साथ ही इस बात पर भी चर्चा की जाती है कि जिले को और बेहतर बनाने तथा विकास की दिशा में तेजी से आगे ले जाने के लिए किन क्षेत्रों में आवश्यक प्रयास किए जाएं।

उन्होने कहा दमोह मेडिकल कॉलेज में पानी की समस्या का निदान कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज अब पूर्णता की ओर है और जल्द ही इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए जाने की संभावना है, उन्होने मेडिकल कॉलेज को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से जिलेवासियों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

दमोह में जल्द स्थापित होगा ‘दमयंती चना’ प्रोसेसिंग यूनिट

सांसद श्री लोधी ने कहा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के तहत दमोह में ‘दमयंती चना’ की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए जाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यह यूनिट जिले के लिए बड़ी सौगात साबित होगी और स्थानीय स्तर पर चने के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। दमयंती चना का उत्पादन एवं प्रोसेसिंग बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने कहा जिले में टमाटर के प्रसंस्करण एवं सॉस निर्माण को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए इच्छुक लोगों को ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि वे स्वयं के उद्यम स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में स्टार्टअप इंडिया एवं रोजगार मेलों से संबंधित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उन्होने कहा युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ जिले के युवाओं तक पहुंचाना आवश्यक है।

मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सांसद श्री लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आमतौर पर लोगों को केवल तालाब लेकर मछली पालन करने की जानकारी होती है, जबकि मत्स्य पालन एवं उससे जुड़े क्षेत्र में कई अन्य योजनाएं भी संचालित हैं, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए वर्कशॉप एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योजनाओं, पात्रता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाए।

करैया में 800 मीटर लंबे रैक प्वाइंट से दमोह को मिलेगी सुविधा

सांसद श्री लोधी ने कहा संपर्क क्रांति और गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को बारिश के दौरान शेड नहीं होने से परेशानी होती है। रेलवे की डीआरएम बैठक में इस समस्या को उठाया गया था। रैक प्वाइंट होने के कारण शेड निर्माण में चुनौती आ रही थी, लेकिन अब करैया में लगभग 800 मीटर लंबा रैक प्वाइंट तैयार हो गया है।

उन्होंने कहा दमोह का रैक प्वाइंट करैया में शिफ्ट होने के बाद एक साथ गेहूं, चना एवं यूरिया की लोडिंग की सुविधा मिल सकेगी। इससे शहर में ट्रैफिक की समस्या में भी कमी आएगी। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए आगामी 1 से 1.5 वर्ष में शेड निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। यह बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाती है, जिसे ‘दिशा’ की बैठक के नाम से भी जाना जाता है। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन तथा जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा एवं चर्चा की गई। उन्होंने कहा ‘दिशा’ की यह बैठक दमोह जिले के विकास को नई दिशा और नई दशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक सांसद राहुल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले के विकास कार्यों को सही दिशा और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के संबंध में विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होने कहा बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, मध्याह्न भोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर, गौशालाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। विगत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कई क्षेत्रों में अभी और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण विषय सभी निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का रहा। कलेक्टर ने कहा कई बार ऐसी स्थिति सामने आती है कि नई बनी इमारतों की छत से पानी टपकने लगता है या कुछ वर्षों में ही भवन जर्जर स्थिति में पहुंच जाते हैं। इससे शासन द्वारा खर्च की गई राशि का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता और बच्चों तथा आमजन को असुविधा होती है। स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सांसद राहुल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

सड़क और नल-जल कार्यों में तेजी के निर्देश

बैठक में सड़कों के निर्माण में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। सांसद एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाती है, इसलिए निर्माण कार्य समय पर पूर्ण होकर आमजन को उसका लाभ मिलना चाहिए।

तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदे गए गड्ढों को समय पर नहीं भरने का विषय भी सामने आया। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने के बाद गड्ढों को तत्काल भरा जाए।

गौवंश की सुरक्षा पर भी दिए निर्देश

सड़कों पर आवारा गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा सड़क पर आने वाले गौवंश को नजदीकी गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे गौवंश सुरक्षित रहेगा और वाहन चालकों एवं आमजन को भी सड़क पर सुरक्षित आवागमन में सुविधा होगी।

सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने वीबी राम जी राम योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि इस अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार है कि प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी- रोजगार गारंटी है इसमें चार मुख्य फोकस है जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और मौसम घटनाओं से निपटने हेतु कार्य उन्होंने बताया शासन द्वारा वर्तमान में 10 प्रकार के कार्यो को प्रारंभ किये जाने की अनुमति प्रदान की है, इन कार्यो में कंटूर ट्रेंच बोल्डर चैक ग्रेबयन संरचना कार्य, रूफटाप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कूप पुनर्जलभरण, बोरवेल/हैंडपंप के समीप सोकपिट/रिचार्ज पिट, एक बगिया मां के नाम परियोजना, गंगोत्री हरित परियोजना, मां नर्मदा परिक्रमा पथ पर पौधेरोपण, वन विभाग द्वारा नर्सरी तैयार करना, लघु पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड और सुगम संपर्ककता सड़क निर्माण शामिल है।

इस आयोजित बैठक में समिति के सदस्यगण और संबंधित विभागो के अधिकारी मौजूद रहे।

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