उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत आज दिनांक 22.07.2026 को जिला कलेक्ट्रेट, सुलतानपुर में हिन्दुस्तान समाचार पत्र की ओर से एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम ने प्रतिभाग कर उपस्थित महिलाओं एवं छात्राओं को महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, साइबर सुरक्षा तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी सुलतानपुर श्री इन्द्रजीत सिंह, अपर जिलाधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उपायुक्त उद्योग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम.) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारू निगम ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध अथवा अन्य किसी अपराध की स्थिति में बिना संकोच तत्काल पुलिस को सूचना दें तथा उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करें।
उन्होंने महिलाओं को महिला हेल्पलाइन-1090, महिला हेल्पलाइन-181, आपातकालीन सेवा-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, साइबर हेल्पलाइन-1930 सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए इनके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, साइबर ठगी से बचाव के उपाय अपनाने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक अथवा ऑनलाइन लेन-देन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।े
संवाद कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की गई। उपस्थित महिलाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अधिकारियों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया तथा उन्हें शासन द्वारा संचालित महिला कल्याण, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता एवं सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा समाज में महिलाओं की गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास उत्पन्न करना, उन्हें उनके अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी उपलब्ध कराना तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
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