#मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) का संचालन निजी संस्थाओं के माध्यम से कराने को मंजूरी दे दी है। इन केंद्रों पर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति भी संबंधित निजी संस्था ही करेगी।

सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से गांवों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी और डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। हालांकि, अस्पतालों का अंतिम प्रशासनिक नियंत्रण लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास ही रहेगा। जल्द ही इस योजना के लिए ओपन टेंडर जारी किए जाएंगे।
यह पायलट प्रोजेक्ट पांच साल तक चलेगा। यदि इसके परिणाम संतोषजनक रहे, तो प्रदेश के सभी 353 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही व्यवस्था लागू की जा सकती है। वहीं, कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो परियोजना के संशोधित बजट को भी मंजूरी दी है।
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