एंकर=दतिया, ब्यूरो। दतिया में एक युवक ने खुद को उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो का इंस्पेक्टर बताकर दो कारोबारियों से करीब 90 लाख रुपए की ठगी कर डाली। आरोपी काली वर्दी पहनकर घूमता था, नकली पहचान पत्र और फर्जी एफआईआर की प्रतियां दिखाकर लोगों को जेल भेजने की धमकी देता था और फिर मामले को रफा-दफा कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। दतिया के सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय से दो दिन का रिमांड लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने शहर के एक सराफा कारोबारी से 29.50 लाख रुपए और एक होटल कारोबारी से 60 लाख रुपए ठगे हैं। आरोपी ने भटियारा मोहल्ला निवासी सराफा कारोबारी प्रियांश सिंघल से पहले 10 लाख रुपए मांगे और फिर अलग-अलग तारीखों पर पांच-पांच लाख, दस लाख और 4.50 लाख रुपए वसूल लिए। संदेह होने पर प्रियांश झांसी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय पहुंचा, जहां पता चला कि मनीष कुमार नाम का कोई इंस्पेक्टर वहां पदस्थ ही नहीं है और उसके खिलाफ कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं है। वहीं होटल कारोबारी अरविंद अग्रवाल से भी करीब 60 लाख रुपए ठगने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष गुबरेले अमीटा जिला जालौन उत्तरप्रदेश का निवासी है
वर्दी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को बड़ा अधिकारी बताता था।
लोकेशन दतिया मध्यप्रदेश विजय गोस्वामी स्लॉग= दतिया में ठग ने लगाया कारोबारियों को चूना स्लॉग=एंटीकरप्शन ब्यूरो का अफसर बनकर 90 लाख ठगे, काली वर्दी में घूमता था
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