ग्राम बिलाई मध्य प्रदेश में पटेल परिवार द्वारा समायोजित भागवत कथा का कल सानंद समापन हुआ ।

श्रीमान जमुना प्रसाद पटेल जी जो कि एक 95वें वर्ष के हैं फिर भी जीवंत युवा की भाँति रहते हैं।आप असमय में ही बुढ़ापे के शिकार होते लोगों के लिए प्रेरणास्पद हैं । आप स्वयं पहले उठकर मुझे जगाते । बड़ी अच्छी और सुलझी हुई बातें करते ।आपको देखते ही मानो भोर में विभोर होने का स्वाद मिल जाता ।आपके तीन सुपुत्र हैं श्रीमान चंद्रभान जी ,श्रीमान महेंद्र जी ,श्रीमान कमलेश जी जो कि आज्ञाकारी परम पितृ भक्त हैं ।आपके अनुज भ्राता भी आपके पुत्र के समान लाड़ दुलार के पात्र हैं ।आपकी बेटियां घर में मां के दिवंगत होने के बाद भी पूर्ण धौंस जमाते हुए भाभियों पर पर अपना हुकुम चलाती हैं ।बड़ी बहिन को आज भी सभी भाई मां के रूप में देखते हैं और सम्मान करते हैं ।दिवंगत मां का संस्मरण सुनाते हुए बहिनों ने कहा कि मेरी मां परिवार को एक माला के रूप में देखती थी और भगवान को माला पहनाते हुए यही कहती थी कि मेरे परिवार की माला की खंडित न हो ,सदैव अखंड और अविभाज्य रहे ! गर्मी का मौसम और 44. टेंप्रेचर होने के बाद भी कभी गर्मी महसूस नहीं हुई । जबकि मैं वातानुकूलित स्थानों में रहने का कुछ समय से आदी सा हो गया हूं ।फिर भी पटेल परिवार से मिले प्रेम ,सम्मान ,अपनेपन की शीतलता ने कभी उष्णता का अनुभव नहीं होने दिया ।

कथा में संविधान से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी ,स्वास्थ्य शिविर ,भारत मां की आरती आदि के अनोखे प्रयोग ने कथा को सदा के लिए अनूठा बना दिया।

पुनः प्रेम ,सम्मान और अपनेपन के लिए सम्पूर्ण धनौरया परिवार को अनेकानेक आशीर्वाद ईश्वर उन्हें हर वह वस्तु प्रदान करें जिसके वे पात्र हैं । राधे राधे

•श्रीनीरज नयन महाराज श्रीधाम वृन्दावन
•अध्यक्ष समन्वय सनातन संस्थान ट्रस्ट वृन्दावन
