कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने उपार्जन केंद्रों का किया निरीक्षण,

किसानों की सुविधा पर दिया विशेष जोर
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तौल व्यवस्था सुद्रण सुनिश्चित करने और समय पर रसीद देने के दिए
आवश्यक दिशा- निर्देश
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जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शासन द्वारा स्थापित उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनका माल समय पर तौला जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि कुछ केंद्रों पर अव्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तौल प्रक्रिया में देरी न हो और अधिकतम एक घंटे के भीतर किसानों का माल तौल लिया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार कांटे (वजन मशीन) और लेबर बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि किसानों के लिए छाया और पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इंतजार के दौरान परेशानी न हो। साथ ही, शासन द्वारा निर्धारित मात्रा का ही पालन किया जाए और उससे अधिक तौल न किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि तौल के बाद किसानों को सही और प्रमाणित रसीद दी जाए, जिस पर सील और हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।

कलेक्टर श्री यादव ने कंट्रोल रूम के नंबर को सभी केंद्रों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि किसान किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें। उन्होंने कहा इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का विक्रय सहज और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करना है, जिससे उन्हें समय पर पूरा मूल्य मिल सके।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री यादव ने जबेरा सहित तीन उपार्जन केंद्रो का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम केंद्र पर अनाज रखा गया था, वहां पर भी जाकर उसका अवलोकन किया, अनाज का सामने से वजन करवाया और यहां मौजूद किसानों से चर्चा की उनकी बातें सुनी, उन्होंने कहा कोई समस्या हो तो बताएं और समस्या होने पर कंट्रोल रूम का नंबर प्रदर्शित किया गया है, उस पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं,
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