जिला ब्यूरो राजेंद्रविश्वकर्मा
लटेरी | भारतीय संविधान के शिल्पी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को लटेरी नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। उत्साह और नीले रंगों से सराबोर इस चल समारोह में हजारों की संख्या में भीम अनुयायी शामिल हुए।
संत रविदास भवन से हुआ शंखनाद
शोभायात्रा का शुभारंभ संत रविदास सत्संग भवन से हुआ। यात्रा शुरू होते ही पूरा वातावरण ‘बाबा साहेब अमर रहें’ और ‘जय भीम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। हाथों में नीले झंडे लिए युवाओं और नागरिकों की टोली पूरे जोश के साथ आगे बढ़ी।
पुष्प वर्षा से हुआ आत्मीय स्वागत
नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से गुजरी इस यात्रा का स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने अभूतपूर्व स्वागत किया।
सामाजिक व राजनीतिक सहभागिता: रास्ते भर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने मंच लगाकर यात्रियों का स्वागत किया।
पुष्प वर्षा: चल समारोह पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई, जो नगर की सामाजिक समरसता की एक सुंदर तस्वीर पेश कर रही थी।
समरसता का संदेश और विचार गोष्ठी
उत्साह और उल्लास के साथ निकाली गई इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य डॉ. अंबेडकर के समानता और भाईचारे के संदेश को प्रसारित करना था। यात्रा के समापन पर एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रबुद्ध वक्ताओं ने:
संविधान निर्माण: डॉ. अंबेडकर के कठिन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।
विचारधारा: उनके बताए मार्ग पर चलने और शिक्षित व संगठित रहने का आह्वान किया।
“यह केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक थी।”
मुख्य बिंदु:
प्रारंभ स्थल: संत रविदास सत्संग भवन।
मुख्य आकर्षण: नीले झंडे, जयघोष और पुष्प वर्षा।
संदेश: सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्य।
