*धूमधाम के साथ निकली कलश यात्रा, संतों के सान्निध्य में राममय हुआ मूड़रीधाम*
*देवेंद्र रघुवंशी,गंज बासौदा।* समीपस्थ मूड़रीधाम आश्रम स्थित श्री राम जानकी मंदिर में मूड़रीधाम के महंत 108 परशुरामदास जी महाराज के सानिध्य में 31 जोड़ों के निशुल्क सामूहिक विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित हो रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। कथा के मुख्य यजमान अखेसिंह मैना सहपत्नी सिर पर श्रीराम चरित्र मानस ग्रंथ को रखकर नंगे पैर शोभायात्रा में शामिल हुए। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंची। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, जय श्रीराम के उद्घोष और पुष्प वर्षा से वातावरण पूरी तरह राममय हो गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं, जिससे यात्रा की छटा और भी आकर्षक हो उठी। आयोजन को लेकर मूडरी धाम के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से शामिल श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर मूड़रीधाम के महंत 108 परशुरामदास जी महाराज सहित तीर्थ क्षेत्र से पधारे अनेक साधु-संतों का विशेष सान्निध्य रहा। साथ ही वेदांत आश्रम के वटुक ब्राह्मण भी भी कलश यात्रा में शामिल हुए, जिन्होंने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
यात्रा के समापन पर विधिवत पूजन के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। चित्रकूट से पधारे कथावाचक लोकेन्द्र दास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राम कथा जीवन को मर्यादा, सेवा और संस्कारों से जोड़ने का मार्ग है। जब समाज ऐसे आयोजनों से जुड़ता है, तब एक सकारात्मक और संस्कारित वातावरण का निर्माण होता है।” उन्होंने मूडरी धाम आश्रम के द्वारा आयोजित हो रहे सर्व समाज की गरीब कन्याओं के निशुल्क सामूहिक विवाह को प्रेरणादायी पहल बताया।
उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यहां 31 जोड़ों का निशुल्क सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा नवयुगलों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी प्रदान किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
*धूमधाम के साथ निकली कलश यात्रा, संतों के सान्निध्य में राममय हुआ मूड़रीधाम*
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