अगर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 5% वोटर खिसके, तो बीजेपी नंबर-1 पार्टी बन सकती है। लेकिन अगर असम के 34% मुस्लिम एकजुट हो गए, तो हिमंता बिस्व सरमा की सरकार का लौटना मुश्किल हो जाएगा।
- 2015 में मध्यप्रदेश के नेता कैलाश विजयवर्गीय को बीजेपी ने महासचिव बनाया और जिम्मेदारी दी पश्चिम बंगाल की। उस वक्त बंगाल में बीजेपी के सिर्फ 2 सांसद थे और विधायक जीरो।
- 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 42 में से 18 सीटें जीत लीं। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 38% वोटों के साथ रिकॉर्ड 77 सीटें जीती। TMC को 48% वोटों के साथ 215 सीटें मिलीं। बीजेपी विपक्ष में बैठी।
- 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार बनाने के सबसे करीब है। पश्चिम बंगाल में मुकाबला दो पार्टियों के बीच है। अगर बीजेपी ने TMC का 5% वोट भी अपने पाले में कर लिया, तो वह नंबर-1 बन सकती है।
- 2021 के चुनाव में बीजेपी ने 38 सीटें 5% के मार्जिन से और 75 सीटें 10% के मार्जिन से हारी थीं। ऐसे में बीजेपी इन्हीं सीटों पर टारगेट करेगी।
- अगर बीजेपी ने TMC के 5% वोट खींच लिए तो 10% के मार्जिन से हारी सीटें बीजेपी जीत सकती है। इस हिसाब से उसकी कुल सीटें 75+77 यानी 152 हो जाएंगी और इसी के साथ नंबर-1 पार्टी बन जाएगी।
- इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी मानते हैं कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ममता बनर्जी को चुनौती दे सकती हैं। एंटी-इनकम्बेंसी, बेरोजगारी और स्थानीय असंतोष से ममता की TMC के लिए मुकाबला और कठिन बन सकता है।

