भोपाल सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य”

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सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य”

बालकों का यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश अनुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में गुरुवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के जागरूकता अभियान “सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य” अंतर्गत जागृति योजना 2025 के कियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भोपाल द्वारा बालकों का यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम विषय पर पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों, थानों से पुलिस अधिकारी, पैरालीगल वालिंटियर, भोपाल के विभिन्न पुलिस थानों के प्रतिनिधि, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रतिनिधि, सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित क्षात्रावास, शिक्षा विभाग के आरबीसी तथा महिला एवं बाल विकास द्वारा संचालित गृहों के प्रभारियों, गैर शासकिय संघटनों के प्रतिनिधि, पैनल लॉयर्स एवं पीएलवी लगभग कुल 100 जन सम्मिलित हुये।

कार्यक्रम का उदघाटन पुलिस विभाग के डीसीपी श्रीमती श्रृद्धा तिवारी, विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राधिकरण सचिव / न्यायाधीश श्री सुनीत अग्रवाल जी. ए.डी.सी.पी. श्रीमती मंजुलता खत्री मेडम, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. धनीराम पवार के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से न्यायाधीश श्री सुनीत अग्रवाल, डॉ. धनीराम पवार, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, श्री कृपा शंकर चौबे जी, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, मीत संस्था से सुश्री रेखा श्रीधर एवं बालिका गृह से श्रीमती आकांक्षा तोमर द्वारा कार्यशाला को संबोधित किया गया।

डॉ. धनीराम पवार द्वारा बाल कल्याण समिति के कार्य एवं पाक्सो एक्ट के अंतर्गत सहायक व्यक्ति की भूमिका के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। वही कृपा शंकर चौबे जी द्वारा पाक्सो अधिनियम एवं जेजे एक्ट के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया। श्रीमती रेखा श्रीधर द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली एवं बाल संरक्षण से जुडे विषयों पर चर्चा की गयी। इसी कार्यक्रम को आगे बढाते हुये श्रीमती आकांक्षा तोमर द्वारा बाल देख-रेख संस्थान एवं विशेष गृह में रह रहे बच्चो की देखभाल एवं उनके संरक्षण के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गयी।

कार्यक्रम के अंत मे सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुनीत अग्रवाल द्वारा निशुल्क विधिक सेवा, पीडित प्रतिकर, पाक्सों अधिनियम की बारिकियां जिसमें प्रमुख रूप से पाक्सों पीडित बच्चे की शिकायत दर्ज न करवाने की स्थिति में सजा का प्रावधान होने के बारे में बताया। सपोर्ट पर्सन की भूमिका एवं बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणालियों पर विस्तृत समझाईश दी गयी।

कार्यक्रम का उद्देश्य पाक्सो के संदर्भ में पुलिस, बालकों की देखरेख से संबंधित विभिन्न संस्थानों एवं छात्रावासों में जागरूकता बढाना एवं उन संस्थानों में रह रहें बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है, साथ ही बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढाना एवं विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना रहा है।

CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh
#Bhopal

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