दमोह-पन्ना मुख्य मार्ग पर ‘अंधियारा बगीचा’ बना जाम का टापू: शासन-प्रशासन बेखबर, नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल

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दमोह-पन्ना मुख्य मार्ग पर ‘अंधियारा बगीचा’ बना जाम का टापू: शासन-प्रशासन बेखबर, नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल
​हटा/दमोह- दमोह-पन्ना मुख्य मार्ग पर स्थित हटा का ‘अंधियारा बगीचा’ क्षेत्र इन दिनों राहगीरों और स्थानीय जनता के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे वाहनों का भारी दबाव रहता है, लेकिन अव्यवस्थित यातायात और प्रशासनिक अनदेखी के चलते यहाँ आए दिन घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इस गंभीर समस्या से वाकिफ होने के बाद भी शासन-प्रशासन पूरी तरह कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है।


​घंटों फंसे रहते हैं वाहन, एम्बुलेंस को भी नहीं मिलता रास्ता
​अंधियारा बगीचा क्षेत्र में लगने वाले इस नियमित जाम के कारण न केवल आम राहगीर और व्यापारी परेशान हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कई बार गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस और स्कूली बसें भी इस जाम में घंटों फंसी रहती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण और यातायात पुलिस की तैनाती न होने के कारण यह स्थिति निर्मित होती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।


​नेताओं की चुप्पी पर खड़े हो रहे बड़े सवाल
​चुनावी मंचों से विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले क्षेत्रीय राजनेताओं ने भी इस जन-समस्या पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। रोजाना इस मार्ग से कई जनप्रतिनिधियों और रसूखदारों का आना-जाना होता है, लेकिन जनता को इस नरकीय स्थिति से निजात दिलाने के लिए किसी भी नेता ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। राजनेताओं की इस रहस्यमयी चुप्पी पर अब जनता खुलकर सवाल उठाने लगी है कि आखिर जनता के वोटों से चुनकर आने वाले नुमाइंदे इस जन-मुद्दे पर मौन क्यों हैं?

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