दमोह लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें- कलेक्टर श्री कोचर

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लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें- कलेक्टर श्री कोचर
====मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, जनपद पंचायत दमोह को निर्देशित किया है कि मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं के आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत ग्राम पंचायत सचिवों को सेवा क्रमांक 18.1- जन्म का अप्राप्यता प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन, सेवा क्रमांक 18.2 मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन, सेवा क्रमांक 18.7– विवाह पंजीयन सेवाओं के लिए पदाभिहित अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि इस कार्यालय द्वारा प्रतिदिन एवं आगामी तीन दिवस में पूर्ण हो रही समय-सीमा के आवेदनों की जानकारी दूरभाष, पत्र एवं ई-मेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दी जा रही है, ताकि समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद MPeDistrict पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कुछ ग्राम पंचायत सचिवों के लॉगिन पर आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए हैं।

कलेक्टर श्री कोचर ने निर्देश दिए हैं कि पंचायत सचिवों से समन्वय स्थापित करते हुए आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के लिए अपने अधीनस्थ एक कर्मचारी को नामांकित कर स्पष्ट उत्तरदायित्व सौंपा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित न रहें।

उन्होंने अवगत कराया कि यदि आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए जाते हैं, तो मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 (द्वितीय संशोधन) की धारा 6(3)(एक) के अंतर्गत प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा स्वप्रेरणा से प्रथम अपील दर्ज कर कार्यवाही किए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार धारा 6(3)(दो) के अनुसार द्वितीय अपीलीय अधिकारी द्वारा स्वप्रेरणा से द्वितीय अपील दर्ज करने का प्रावधान भी है।

कलेक्टर श्री कोचर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि ग्राम पंचायत सचिव स्तर पर आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए जाते हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के साथ-साथ संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरुद्ध भी अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
#Damoh

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