ग्राम पंचायत चकरदा में ‘शक्ति संचय’ क्षमता वर्धन प्रशिक्षण सम्पन्न
हटा/दमोह। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला दमोह के विकासखंड हटा के निर्देशन में सेक्टर मड़ियादो की नवांकुर संस्था श्री लखनलाल सेवा संस्थान द्वारा ग्राम पंचायत चकरदा में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का एक दिवसीय ‘शक्ति संचय’ क्षमता वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में चकरदा, डोली, काईखेड़ा, रजपुरा एवं नारायणपुरा सहित विभिन्न ग्रामों की प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों ने सहभागिता की।
भारत माता के पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयन एवं चाय के साथ हुआ। इसके पश्चात उद्घाटन सत्र में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत एवं उद्बोधन के माध्यम से प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।
विभिन्न सत्रों में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद का परिचय, उद्देश्य एवं लक्ष्य की जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों को स्वयंसेवी संगठन के रूप में उन्नत करने तथा उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके बाद भोजन अवकाश हुआ।
तृतीय सत्र में संवाद कौशल की आवश्यकता एवं प्रभावी तकनीकों पर चर्चा की गई, जबकि चतुर्थ सत्र में प्रस्फुटन समितियों की गतिविधियों, कार्यों एवं उपलब्धियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की जानकारी दी गई।
पटवारी एवं ग्राम रोजगार सहायक ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में पटवारी श्री मनीष जैन ने राजस्व विभाग से संबंधित विषयों एवं ग्राम स्तर पर शासकीय व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को जागरूक रहने तथा विभागीय प्रक्रियाओं को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्राम विकास में आपसी समन्वय और प्रशासनिक सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
वहीं, ग्राम रोजगार सहायक श्री चंद्रभान कुर्मी ने ग्रामीण रोजगार एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम स्तर पर सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने प्रस्फुटन समितियों से ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने, पात्र हितग्राहियों तक जानकारी पहुँचाने तथा ग्राम विकास के कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
जल संरक्षण एवं जनभागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक श्रीमती पुष्पा सिंह ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। पूर्व सरपंच श्री गोविंद उपाध्याय ने भी ग्राम विकास में सामूहिक सहभागिता एवं स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। इसके पश्चात समापन सत्र आयोजित कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रस्फुटन समितियों की कार्यक्षमता में वृद्धि, संवाद कौशल को बेहतर बनाने, दस्तावेजीकरण को व्यवस्थित करने तथा ग्रामीण विकास में जनभागीदारी को सशक्त बनाना रहा।
[metaslider id="122"]