केंद्रीय पशु कल्याण बोर्ड सदस्य श्री राम रघुवंशी ने पशु संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश

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केंद्रीय पशु कल्याण बोर्ड सदस्य श्री राम रघुवंशी ने पशु संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश


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भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशु बोर्ड के सदस्य (सचिव स्तर) एवं वधशाला समिति के अध्यक्ष श्री राम रघुवंशी ने आज विदिशा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पशु संरक्षण, गौशालाओं के संचालन, आवारा पशुओं के प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा अवैध पशु परिवहन एवं वध की रोकथाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति एवं कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया।

सदस्य श्री रघुवंशी ने विदिशा जिले की सड़कों पर गौवंश विचरण न करें इसके लिए संयुक्त रूप से स्थाई प्रयास करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि एनएचएआई नेशनल हाईवे सड़कों का निर्माण तो करती है पर सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के संरक्षण हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कराना सुनिश्चित करें। टोल टैक्स,सड़क टेक्स की वसूली की जाती है पर एनीमल सेन्टर बनाने के भी कार्य किए जाएं।

सदस्य श्री राम रघुवंशी ने विदिशा जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की है। उन्होंने इस क्षेत्र में नवाचार करने पर बल देते हुए सुझाव रखा कि निकायों, ग्रामों और गौशालाओं के पशुओं की सुगमता से पहचान हो सकें इसके लिए पशुओं के सींगों को क्रमशः ग्रीन,यलों और रेड़ कलर पोता जाएं। उन्होंने गौशालाओं में पानी बिजली और चारा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

बैठक में पुलिस विभाग से पशुओं के अवैध परिवहन एवं अवैध वध को रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई, पशु क्रूरता और अवैध पशु व्यापार से संबंधित दर्ज प्रकरणों तथा उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। साथ ही पशुधन संरक्षण के लिए सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रवर्तन उपायों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं स्थानीय निकायों से जिले में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की स्थिति, चारा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बजट उपयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा भविष्य में गौशालाओं को सुदृढ़ बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या पर नगर परिषद, नगर निगम एवं अन्य शहरी निकायों से सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम की प्रगति तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित प्रबंधन की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग से गौशालाओं के प्रबंधन एवं निगरानी, गर्मी एवं मानसून के दौरान पशुओं की सुरक्षा, आवारा पशुओं के पुनर्वास, टीकाकरण, उपचार एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

वन विभाग की समीक्षा के दौरान वन क्षेत्रों की स्थिति, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक एवं कृत्रिम जल स्रोतों की उपलब्धता, वृक्षारोपण एवं वन पुनर्जनन कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही विदिशा जिले में तेंदुए की मृत्यु की घटना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए मृत्यु के कारण, जांच निष्कर्ष, की गई कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।

परिवहन विभाग (आरटीओ) से राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं की स्थिति, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों की पहचान, बाड़बंदी, संकेतक, टोल प्लाजा के समीप अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं की स्थापना तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित पुनर्वास के लिए अंतरविभागीय समन्वय की समीक्षा की गई। पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आंकड़ों पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग एवं नगरीय निकायों से जिले में संचालित बूचड़खानों एवं मांस विक्रय प्रतिष्ठानों की लाइसेंस स्थिति, निरीक्षण, नियमों के पालन तथा अनधिकृत प्रतिष्ठानों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई।राजस्व विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्धता, अतिक्रमण हटाने, भूमि अभिलेखों से संबंधित मामलों तथा विभागों के बीच समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई।

बैठक के अंत में जिला प्रशासन द्वारा जिले में संचालित गौ संरक्षण एवं पशु कल्याण गतिविधियों की समग्र समीक्षा प्रस्तुत की गई। विभिन्न विभागों के समक्ष आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान, समयबद्ध कार्ययोजना तथा विभागवार जिम्मेदारियों का निर्धारण करते हुए सभी अधिकारियों को समन्वित एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए। श्री राम रघुवंशी ने कहा कि पशु संरक्षण, गौ संवर्धन एवं वन्यजीव सुरक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, एसडीएम श्री अजय प्रताप सिंह पटेल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP

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