मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया। दमोह के अधिकतर स्कूल जर्जर। जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 70 से अधिक छात्र, मलवारा प्राथमिक विद्यालय में हर दिन हादसे का खतरा ..जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 70 से अधिक छात्र, मलवारा प्राथमिक विद्यालय में हर दिन हादसे का खतरा

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मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया। दमोह के अधिकतर स्कूल जर्जर। जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 70 से अधिक छात्र, मलवारा प्राथमिक विद्यालय में हर दिन हादसे का खतरा ..जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 70 से अधिक छात्र, मलवारा प्राथमिक विद्यालय में हर दिन हादसे का खतरा


हटा। हटा विकासखंड के मड़ियादो संकुल अंतर्गत आने वाले मलवारा गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हिस्सों को ईंटों से भरकर किसी तरह संभाला गया है। इसके बावजूद विद्यालय में 70 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी भवन में अध्ययन करने को मजबूर हैं। भवन की स्थिति को लेकर शिक्षक और अभिभावक लगातार चिंता जता रहे हैं।

विद्यालय में पर्याप्त सुरक्षित कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बारिश के दौरान भवन गिरने का भय हर समय बना रहता है। तेज बारिश होने पर एहतियात के तौर पर कई बार विद्यालय की छुट्टी तक करनी पड़ती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार भवन की खराब स्थिति को देखते हुए जनवरी 2025 में विद्यार्थियों को पंचायत भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था और पूरे वर्ष वहीं शिक्षण कार्य संचालित किया गया। हालांकि इस वर्ष पंचायत भवन के एकमात्र कमरे की छत से बारिश के दौरान पानी टपकने लगा, जिससे वहां पढ़ाई कराना भी संभव नहीं रहा। मजबूरी में छात्रों को फिर से जर्जर विद्यालय भवन में बैठाया जा रहा है।

विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और इसका सीधा असर शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। उन्होंने सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी खतरे के जारी रह सके।

मामले में हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए जर्जर शासकीय भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे विद्यालयों में वैकल्पिक भवनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय मलवारा प्राथमिक विद्यालय के लिए जल्द से जल्द सुरक्षित भवन की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को भय के माहौल में पढ़ाई न करनी पड़े।

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