ओवर एक्टिंग से 49 लाख की लूट का खुलासा:माथे पर खरोंच मार, हाथ-पैर बांधकर गर्भवती भाभी ने किया नाटक, भाई-भाभी निकले मास्टरमाइंड

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ग्वालियर में पुलिस ने डबरा की एक 49 लाख रुपए (सोना और कैश) की लूट का खुलासा किया है। वारदात इस तरह है मकान मालिक मोनिका व उसके बच्चे जब जॉब पर गए थे।

घर में पांच माह की गर्भवती भाभी को हाथ-पैर बांधकर दो बदमाश 49 लाख रुपए का सोना-कैश लूट ले गए थे।

पुलिस ने सिर्फ 2 दिन में पूरे मामले का खुलासा किया है। असल में जिसे पीड़ित समझा जा रहा था वह गर्भवती मासूम महिला वही असल में अपनी ननद के घर 49 लाख रुपए की लूट की मास्टर माइंड निकली है। उसने पति, दोस्त के साथ मिलकर यह साजिश रची।

पूछताछ में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि 15 दिन पहले जब ननद ने तिजोरी खोली थी तब उसमें जेवरात देखकर भाभी की आंखें चौंधया गई थीं। 15 दिन में कई बार क्राइम पेट्रोल देखा और यह सटीक योजना बनाई।

इरादा यह था कि यदि रास्ते में कोई आता है तो उसे हत्या कर खत्म कर देंगे। घटना को रियल दिखाने के लिए गर्भवती भाभी ने खुद के हाथ पैर बंधवाए। पति से कहा कि कांच के टुकड़े से उसके माथे पर हमला करे।

दोनों नकाबपोश बदमाश घर के बाहर CCTV कैमरे में भी जानबूझकर नजर आए, जिससे उनकी उपस्थिति साबित हो।

AC सर्विसिंग के बहाने लूट की लिखवाई थी झूठी रिपोर्ट

डबरा के संस्कृति नगर (सचदेवा फार्म, पिछोर रोड) निवासी मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने डबरा सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 जून 2026 को जब वे काम पर बाहर गई थीं, तब उनकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव घर पर अकेली थी, जो गर्भवती भी हैं।

तभी दो अज्ञात युवक एसी (AC) सर्विसिंग के बहाने घर में घुसे और पिंकी के साथ मारपीट कर उसे बंधक बना लिया। इसके बाद अलमारी का लॉक तोड़कर 2,50,000 रुपए नकद और करीब 46 लाख रुपए के जेवरात लूट ले गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने क्राइम ब्रांच और डबरा पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

CCTV कैमरे और ओवर-एक्टिंग ने खोल दिया राज

एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार और डीएसपी क्राइम नागेंद्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में जब तकनीकी टीम ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, तो ‘लूट’ की कहानी संदिग्ध लगने लगी।

CCTV फुटेज में दो बदमाश (आरोपी शुभम श्रीवास्तव और उसका दोस्त सोनू कौशिक) जान बूझकर घर में घुसते वक्त कैमरे के सामने बातचीत करने का अभिनय (ओवर-एक्टिंग) करते दिखे। कड़ाई से जांच करने पर पता चला कि कैमरे में दिख रहा मुख्य आरोपी शुभम कोई और नहीं, बल्कि फरियादिया मोनिका का सगा भाई और घर के अंदर बंधक मिली ‘पीड़िता’ पिंकी का पति है।

लव मैरिज, तंगी और ननद की अलमारी पर नीयत खराब

पुलिस अभिरक्षा में आते ही आरोपी भाई शुभम श्रीवास्तव ने टूटकर पूरी साजिश का कबूलनामा कर दिया। शुभम ने बताया कि “मैंने पिंकी जाटव से लव मैरिज की थी। हम बाहर नौकरी करते थे, लेकिन पैसे की भारी तंगी थी। पिंकी गर्भवती थी, इसलिए पिछले 3 महीने से हम डबरा में अपनी बहन मोनिका (रानू) के घर आकर रहने लगे। एक दिन पिंकी ने ननद मोनिका को अलमारी में लाखों के जेवर और कैश रखते देख लिया था, तभी से हमारे मन में लालच आ गया।”

ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़ा, पत्नी के हाथ-पैर बांधे

वारदात से पहले आरोपियों ने काफी क्राइम पेट्रोल सीरियल देखा था जिसमें साजिश के तहत 4 जून को जब ननद मोनिका अपने बच्चों के साथ काम पर बाहर गई, तब पिंकी ने खुद घर का दरवाजा खोला। पति शुभम और उसका दोस्त सोनू जाटव अंदर घुसे। उन्होंने लोहे की रॉड से ननद मोनिका की अलमारी तोड़कर 2.50 लाख कैश और सारे जेवरात निकाल लिए।

पिंकी पर कोई शक न करे, इसलिए आरोपियों ने कमरे के ड्रेसिंग टेबल का कांच पत्थर मारकर तोड़ा और उसी कांच के टुकड़े से गर्भवती पिंकी के माथे पर हल्की सी खरोंच मार दी ताकि वह ‘घायल’ दिखे। इसके बाद उसके हाथ-पैर कपड़े से बांधकर शुभम और सोनू माल समेटकर भाग गए।

ऐसे किया माल का बंटवारा वारदात के बाद अपनी रचि साजिश को फुल प्रूव मानकर शुभम ने 1 लाख अपनी पत्नी पिंकी को दे दिए, जो उसने ऊपर कमरे में अपने बैग में छुपा दिए। 1.50 लाख रुपए दोस्त सोनू जाटव को दिए गए। साथ ही 46 लाख रुपए के जेवरात से भरा बैग तीसरे दोस्त आसिफ खान के घर तारागंज (ग्वालियर) में छुपा दिया गया।

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