खरगोन जिले में ओले गिरने का अलर्ट:

खरगोन जिले में ओले गिरने का अलर्ट:खंडवा, हरदा, देवास और बुरहानपुर में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

खरगोन जिले में ओले गिरने का अलर्ट:खंडवा, हरदा, देवास और बुरहानपुर में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

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 और बुरहानपुर में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

मौसम विभाग ने गुरुवार दोपहर को खरगोन के महेश्वर में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। खंडवा के ओंकारेश्वर, पश्चिम हरदा, दक्षिण देवास और उत्तर बुरहानपुर में दोपहर के समय हल्की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान खंडवा और अनूपपुर जिलों में ओले गिरे। बुरहानपुर में हल्की बारिश भी हुई।

33 जिलों में बारिश-आंधी, 3 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से तेज बारिश के आसार हैं।

30-50 किमी घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 20 मार्च तक रहेगा पीक

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले तीन दिन तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे मध्य प्रदेश को कवर करेगा। 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जबकि 22 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा। बुधवार को मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट आई और कई जिलों में हल्की ठंडक महसूस की गई।

मार्च में पहली बार ओले, किसानों की बढ़ी चिंता

इस सीजन में मार्च महीने में पहली बार ओले गिरने का अनुमान है। खासतौर पर सिवनी, मंडला और बालाघाट में दो दिन तक ओलावृष्टि के आसार हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

फरवरी में 4 बार ओले गिरे

इस बार फरवरी में 18 से 24 तारीख के बीच मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया।

मार्च में गर्मी की शुरुआत हो गई। पहला पखवाड़ा गर्म रहा। दूसरे पखवाड़े में अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की मानें तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है, जिसका असर लगातार 3 तक बने रहने के संकेत हैं। ये सिस्टम प्रदेश के सभी हिस्सों से गुजरेगा। इस कारण कहीं बारिश, आंधी, गरज-चमक तो कहीं बादल छाए रहेंगे।

अप्रैल-मई में लू चलेगी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा।

मार्च में तीनों मौसम का असर

मध्यप्रदेश में 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। वहीं, अब बारिश का दौर भी शुरू हो गया है।

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भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश

भोपाल में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।

वहीं 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा

इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था।

24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है।

ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड

मार्च में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।

जबलपुर में मार्च की रातें ठंडी रहती हैं

जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है

उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी

उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।

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