परिजन को लेकर भोपाल पहुंचे; कहा- पंक्चर बनाने वाले के खाते की जांच हो, PFI कनेक्शन निकलेगा
प्रयागराज महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की फरमान खान के साथ हुई शादी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के परिवार के साथ भोपाल पहुंचे। सनोज ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात की है और जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मोनालिसा बालिग नहीं है। हमने प्रशासन से यह मांग की है कि मेडिकल ग्राउंड पर जांच हो। केरल की सरकार, वहां के लोग और पीएफआई के संगठन इन सबने मिलकर इस खेल को अंजाम दिया है।
सनोज मिश्रा: हमारी बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि वो लड़की नाबालिग है। उसे केरल में ले जाकर जो तमाशा हुआ है वो बहुत बड़ा क्राइम बनता है। हमने प्रशासन से यह मांग की है कि मेडिकल ग्राउंड पर जांच हो।
ये ट्राइबल कम्युनिटी के घुमंतु लोग हैं, इनका कोई एक ठिकाना नहीं होता। बर्थ सर्टिफिकेट और बाकी जो चीजें दिखाई जा रही हैं, ये टोटल फर्जी हैं। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां केरल में एक घंटे के अंदर मैरिज सर्टिफिकेट इश्यू हो गया।
केरल की सरकार, वहां के लोग और पीएफआई के संगठन इन सबने मिलकर इसको अंजाम दिया है। मैंने शासन से यह मांग की है कि पीएफआई के एंगल से इसकी जांच की जाए। और मेडिकल ग्राउंड पर यह तय किया जाए कि लड़की नाबालिग है? क्योंकि उसके सारे पेपर फर्जी हैं।
सनोज मिश्रा: मुझे शासन की तरफ से पूरा सहयोग मिल रहा है। पूरा देश हमारे साथ है, क्योंकि ये सनातन और धर्म की बात है। ये बहुत बड़ी घटना है। ऐसी घटनाएं आम हैं। उनका गढ़ केरल बनता जा रहा है।
जहां पर लव जिहाद की घटनाओं को प्रश्रय दिया जाता है। पिछले दिनों सबने देखा कि छांगुर बाबा किस तरह से फंडिंग करता था। जाति के आधार पर स्लैब तय होता है उसी हिसाब से पैसा दिया जाता है।
मैंने मांग रखी है। मैं हर तरह से लगा हुआ हूं क्योंकि मैं ही इस बच्ची को यहां लेकर ट्रेनिंग दिलाई थी। उसी बीच में सुनियोजित तरीके से उन लोगों ने मुझे टेकओवर किया था। उसे साउथ में लेकर चले गए मुझे उसकी भनक तक नहीं लगने दी। क्योंकि, उन लोगों को पता था कि अगर मुझे भनक लग जाएगी तो मैं उनके मंसूबे पूरे नहीं होने दूंगा।
धर्म परिवर्तन पर बनने वाली फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर उसका भी भविष्य उन्होंने खतरे में ड़ाल दिया। मैं करीब दस करोड़ रुपए के कर्जे में हूं। पता नहीं उस फिल्म और मेरे कर्जे का क्या भविष्य होगा?
अभी अगर तत्काल कार्रवाई नहीं करवाऊंगा, उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाऊंगा तो हमारे देश का खासतौर पर सनातन धर्म का बहुत ज्यादा नुकसान होगा। क्योंकि, इससे इंस्पायर्ड होकर और भी बहुत सारी लड़कियां धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार हो जाएंगी।

सनोज मिश्रा: सीरिया की बात मैंने इसलिए कही थी क्योंकि मुझे दो दिन का शूट यूके में रखना था तो इन ट्रायबल्स के लोगों ने मना कर दिया। चूंकि, ये आदिवासी लोग हैं तो उन्होंने कह दिया कि हम अपने बच्चे को बाहर नहीं भेजेंगे। ये करीब छह-आठ महीने पहले की बात है।
उसके बाद उन्होंने अचानक पासपोर्ट बनवा लिया। कैसे बनवाया? क्योंकि वो जो मुल्ला जिहादी आया था, उसने इनको समझाया कि मैं फिल्म बनाऊंगा, तुम्हें बड़ा बनाऊंगा। और विदेश लेकर जाऊंगा। पैसों का लालच दिया होगा। उसने किस तरह से ब्रेनवॉश किया मैं पासपोर्ट नहीं बनवा पाया वो रातों रात पासपोर्ट बनवाकर ले गया।
जब उसकी पिक्चर ही फर्जी है फिल्म ही नहीं बन रही। सब झूठ तमाशा और फरेब था। अर्जेंट में पासपोर्ट बनाने का मतलब क्या है? मतलब यही है कि वो विदेश में कहीं जहां पर लड़कियां सप्लाई होती हैं आज की तारीख में सीरिया उसका गढ़ बना हुआ है।
आप वहां पर देखेंगे तो एनआईए और एजेसियों ने जो जांच की है और अब तक जो प्रूव किया है तो सबसे ज्यादा लड़कियां वहां से डिपोर्ट की जा रही हैं।
ये जरूरी नहीं कि फ्लाइट से भेजें वहां कंटेनर से भी भेज देते हैं तो हो सकता है कि पुलिस के दबाव से बचने के लिए इस सेफ साइट को ध्यान में रखते हुए उस मुल्ले ने पहले ही पासपोर्ट बनाकर रखा हुआ था।
सनोज मिश्रा: मैं कभी नहीं जानता था। उससे कभी मिला भी नहीं। जिस दिन मीडिया में खबरें चलना शुरू हुई उस दिन मुझे पता चला। अगर मैं उसे पहले से जानता तो ये नाफरमानी तो नहीं करने देता।
सनोज मिश्रा: उनका परिवार तो पूरा नौटंकी कर रहा है। अभी लट्ठ बजेगा तो सब कुबूल कर लेंगे। उनको सब जानकारी है। पीएफआई से जो फंडिंग हो रही उसके अकाउंट की जांच होगी तब पता चलेगा कि पैसा कहां से आता था। उन लोगों ने कितनी बार अपने बेटे से बात की है? और कहां-कहां लेकर गया है।
उनको ये पता ही नहीं था कि इतने बडे़-बडे़ मिनिस्टर और सब लोग केरल में इकट्ठा हो गए। वो रहने वाला बागपत का पंक्चर छाप….. पंक्चर की दुकान वाला आदमी वहां जाकर केरल में मिनिस्टर के साथ रियल केरल स्टोरी रिलीज कर रहा है। मतलब सनातन धर्म का मजाक बन रहा है। बहुसंख्यक हिंदुओं के मुंह पर थूक रहा है।
ये बोल रहे हैं कि हमें कुछ पता ही नहीं है। वो मुल्ला चाहता था कि हमारी फिल्म रुक जाए, इसीलिए उसने ये तमाशा रचा है। घरवालों की जहां तक बात है तो उनकी जांच होगी तो सब पता लग जाएगा। मैं योगी आदित्यनाथ जी से भी मिलूंगा। उनसे रिक्वे:
सनोज मिश्रा: उनसे यह कहना चाहूंगा कि एक बार जाकर देख लें कि उन आदिवासियों की क्या हालत है। उसकी मां मरने की कगार पर है। हॉस्पिटल में एडमिट है। इतनी घटिया सोच वही लोग सोच सकते हैं जो ऐसी सोच रखते हैं। मैं तो नहीं रखता।
बल्कि मेरी फिल्म का भविष्य ही खतरे में है तो मैं पब्लिसिटी किस चीज की करूंगा? इतनी नेगेटिविटी फैल गई है। खासतौर पर मोनालिसा को लेकर, जिसको मैं कभी बेटी कहता था। अब बेटी जैसा शब्द मैं वापस लेता हूं।
मैं आगे भविष्य में कभी इस तरह की गलती नहीं करूंगा। आज मैं दर-दर भटक रहा हूं क्योंकि कुछ जागृति आए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सनोज मिश्रा: एक एकदम साफ है कि बागपत यूपी में है। लड़की मध्य प्रदेश में रहती है। दोनों एक-दूसरे से कभी मिले नहीं और शादी कहां केरल में हो रही है। उसमें मिनिस्टर आ रहे हैं। पीएफआई का संगठन कहां है? केरल में…..सबसे ज्यादा लव जिहाद की घटनाएं कहां होती हैं? केरल में।
तुरंत केरल से ही केरल स्टोरी का पोस्टर रिलीज किया जा रहा है। केरल सरकार ने सुरक्षा दे रखी है। तो ये सारी बातें क्या झूठ हैं। क्या इसको कोई डिनाई कर सकता है कि ऐसा नहीं हुआ? जब सारी चीजें क्लियर हैं तो ये अकेले मैं ही नहीं कह रहा बल्कि सारे देश की जनता कह रही है कि किस तरह से एक बेवकूफ सी लड़की।
उसको बेवकूफ ही कह सकते हैं, क्योंकि उसके अंदर दिमाग तो था नहीं। उसे तो यह भी नहीं पता कि लव जिहाद क्या होता है? उसको तो लगा कि उसकी मंदिर में शादी हो रही है।
वो आदमी जब मिलने के लिए आया था तो मोनालिसा के पिता ने मुझे बताया कि उसने अपना नाम लकी बताया था बड़ा सा तिलक हाथों में रुद्राक्ष और पीला वस्त्र ओढ़कर महाकाल के दरबार में सिर पटक रहा था इसे आप लव जिहाद नहीं कहेंगे तो ये और क्या है?
[metaslider id="122"]