शिक्षा, संगठन विस्तार और सामाजिक अधिकारों की लड़ाई को लेकर बनी रणनीति, युवाओं और मातृशक्ति की भागीदारी पर दिया गया विशेष जोर
वीरांगना फूलन देवी को श्रद्धांजलि, माझी समुदाय ने एकजुटता के साथ चुनी नई जिला कार्यकारिणी
देवेन्द्र रघुवंशी,गंजबासौदा। वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस पर माझी समुदाय, जिला विदिशा ने सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देते हुए नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया। निषाद वाटिका, पांडव फिशरीज एवं हैचरी सेंटर, उदयपुर रोड पर आयोजित जिला स्तरीय बैठक में जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं ने सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन किया। कार्यक्रम का संयोजन स्वतंत्र लेखक डॉ. इंदर सिंह केवट ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण से हुई। इसके बाद वीरांगना फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय के लिए किए गए योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने वाली वीरांगना फूलन देवी आज भी वंचित समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
बैठक में संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से विवेक रैकवार को जिला अध्यक्ष, मोहित केवट को जिला महामंत्री, कपिल केवट, देवेंद्र केवट एवं शिवम रैकवार को जिला उपाध्यक्ष, सोनू रैकवार को जिला मीडिया प्रभारी तथा महेश केवट एवं लकी रैकवार को जिला प्रवक्ता नियुक्त किया गया।
महिला प्रकोष्ठ में श्रीमती रानी रैकवार को जिला अध्यक्ष, श्रीमती राजकुमारी रैकवार को जिला महामंत्री, श्रीमती संगीता रैकवार को जिला मीडिया प्रभारी तथा श्रीमती जयंती रैकवार को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। समाजबंधुओं ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत कर उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
बैठक में समाज की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ने, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, रोजगार के अवसर, पर्यावरण संरक्षण और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की दिशा में नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
चुनाव समिति एवं निर्णायक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न कराई। अंत में सभी समाजबंधुओं ने “एकता–संगठन–सम्मान” का संकल्प दोहराते हुए समाजहित में मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम का समापन समाज के सर्वांगीण विकास, संगठन के विस्तार और सामाजिक जागरूकता के संकल्प के साथ हुआ।
