भोपाल “दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का तीसरा चरण 13 जुलाई से

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Department of Animal Husbandry, Madhya Pradesh

“दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का तीसरा चरण 13 जुलाई से

अधिकारी, कर्मचारी पशुपालकों के घर जाकर नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण और सेक्स सॉर्टेड सीमेन की देंगे जानकारी

प्रदेश मे दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा “दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” चलाया जा रहा है। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का तीसरा चरण 13 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। इसके अंतर्गत भोपाल के 480 ग्रामों और 15 वार्डों में 6330 पशुपालकों से 112 प्रशिक्षित सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों और मैत्री कार्यकर्ताओं द्वारा संपर्क किया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंच कर नस्ल सुधार,पशु पोषण,टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे।

तीसरे चरण मे 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहा प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य विषय पर जागरुक किया जाएगा। इस चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।

दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की अवधि 6 दिन निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 3 दिन तक और बढ़ाया जा सकेगा। अभियान के दौरान मैदानी अमले की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसकी प्रभारी एवं कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ अंकिता जैन हैं।

जनप्रतिनिधियो की रहेगी सहभागिता

अभियान मे मंत्री, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधियो की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को जनप्रतिनिधियो से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा गया है। साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत पशुपालकों तथा न्यूनतम 10 गांवों का सत्यापन एवं मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा।

अभियान की निगरानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी, जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी तथा सभी पशु चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कम से कम दो गांवों का भ्रमण कर अभियान का निरीक्षण करने हेतु निवेदन किया गया है।

CM Madhya Pradesh
Animal Welfare Board Of India
Jansampark Madhya Pradesh
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