जाति प्रमाण पत्र की जांच में घिरीं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, समिति ने बुलाया भोपाल।

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जाति प्रमाण पत्र की जांच में घिरीं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, समिति ने बुलाया भोपाल।

राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने मांगे 1950 की स्थिति से जुड़े दस्तावेज।

6 जुलाई को भोपाल में समिति के समक्ष पेश होकर देना होगा जवाब।

सतना। रैगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर चल रही जांच के मामले में अब राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। समिति ने राज्यमंत्री को आगामी 6 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित वल्लभ भवन में उपस्थित होकर अपने पक्ष में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास, राजीव गांधी भवन-35, श्यामला हिल्स भोपाल मध्य प्रदेश द्वारा जारी पत्र क्रमांक अनुसंधान/न.क्र.299/2026-27/1194 में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति की बैठक 6 जुलाई को सुबह 11 बजे वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक-312, मंत्रालय ब्लॉक-01 में आयोजित की जाएगी।

पत्र में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को निर्देशित किया गया है कि वह वर्ष 1950 की स्थिति में जिला सतना, मध्यप्रदेश की निवासी होने तथा स्वयं को ‘बागरी’ अनुसूचित जाति वर्ग का सदस्य प्रमाणित करने संबंधी दस्तावेज, अभिलेख एवं अन्य साक्ष्य लेकर समिति के समक्ष उपस्थित हों।

जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत के बाद मामले की जांच राज्य स्तरीय समिति के समक्ष पहुंची है। अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्रों की जांच में समिति यह परीक्षण करती है कि संबंधित व्यक्ति का दावा नियमों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सही है या नहीं।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

राज्यमंत्री को नोटिस जारी होने के बाद जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध सकता है, वहीं सूत्रों का कहना है कि भाजपा की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

अब सबकी निगाहें 6 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को अपने जाति प्रमाण पत्र के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। समिति की जांच और निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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