विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ हटा द्वारा निकाली गई यह रैली समाज को जागरूक करने के लिए एक बेहद सराहनीय और सराहनीय कदम है। “नशा मुक्त हो देश अपना” का यह नारा सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

गायत्री परिवार हमेशा से विचार क्रांति और व्यसन मुक्ति आंदोलनों के जरिए समाज को सही दिशा दिखाने का काम करता रहा है। हटा में आयोजित इस रैली के मुख्य प्रभाव और संदेश कुछ इस तरह समाज में बदलाव ला सकते हैं:
### रैली के मुख्य उद्देश्य और प्रभाव
* *युवा पीढ़ी को जागरूक करना:* आज के समय में युवा बहुत जल्दी बुरी आदतों का शिकार हो जाते हैं। ऐसी रैलियां उन्हें जागरूक करने और नशे से दूर रहने की प्रेरणा देती हैं।

* *स्वस्थ समाज का निर्माण:* तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां होती हैं। नशा मुक्ति की यह मुहिम लोगों को बेहतर और लंबा जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी।
* *पारिवारिक खुशहाली:* जब कोई व्यक्ति नशे की लत से बाहर निकलता है, तो सिर्फ उसका शरीर ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत होता है।
### इस मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए कुछ सुझाव
> *”व्यसन छोड़ो, जीवन जोड़ो”*
> गायत्री महामंत्र की शक्ति और रचनात्मक कार्यों के मेल से इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है:

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1. *नुक्कड़ नाटक:* रैली के साथ-साथ शहर के मुख्य चौराहों पर छोटे-छोटे नुक्कड़ नाटक करके नशे के दुष्प्रभावों को सीधे तौर पर दिखाया जा सकता है।
2. *संकल्प पत्र:* रैली के दौरान लोगों से “नशा मुक्ति संकल्प पत्र” भरवाए जा सकते हैं, ताकि वे स्वेच्छा से इसे छोड़ने का वादा करें।
3. *स्कूल-कॉलेजों में संपर्क:* आने वाले दिनों में स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं के लिए काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जा सकते हैं।
हटा गायत्री शक्तिपीठ के सभी कार्यकर्ताओं और इस रैली में शामिल प्रबुद्ध नागरिकों का यह प्रयास निश्चित रूप से शहर में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। समाज को व्यसन मुक्त बनाने की इस पवित्र मुहिम को सलाम! उपस्थित नगरीकरण में हटा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शिवचरण पटेल। जिला उपाध्यक्ष कुर्मी क्षत्रिय समाज दमोह लीलाधर पटेल डॉ गोपाल कुसमरिया रामप्रसाद पटैल राधिका पटैल लक्ष्मण पटेल महेश पटेल बरखेड़ा पूर्व विधायक पी एल तंतबाय एवं गायत्री शक्तिपीठ परिवार की उपस्थिति रही

