पन्ना टाइगर रिजर्व मानसून शुरू होने के साथ ही सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से रिजर्व का कोर जोन तीन महीने के लिए बंद कर दिया गया है।

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मध्यप्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व वन्य पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में रिजर्व ने पर्यटकों की संख्या और राजस्व, दोनों मामलों में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस सीजन में 2 लाख 63 हजार से अधिक देशी और विदेशी पर्यटक पन्ना पहुंचे, जिससे टिकटों के जरिए करीब 8 करोड़ 78 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले कुछ वर्षों में यहां पर्यटकों का रुझान लगातार बढ़ा है, जो बेहतर वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण का परिणाम माना जा रहा है।

इस समय पन्ना टाइगर रिजर्व में छोटे शावकों सहित 100 से अधिक बाघ मौजूद हैं। पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बाघिन पी-151 और उसके दो शावक रहे, जिनके दीदार के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। इसके अलावा केन नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, केन घड़ियाल सेंचुरी और पांडव फॉल जैसे पर्यटन स्थल भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं।

मानसून शुरू होने के साथ ही सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से रिजर्व का कोर जोन तीन महीने के लिए बंद कर दिया गया है। अब यहां सफारी 1 अक्टूबर से फिर शुरू होगी। हालांकि, पर्यटक इस दौरान पन्ना-अकोला बफर जोन, पांडव फॉल और रनेह फॉल का आनंद ले सकेंगे।

रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि बढ़ते पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। होटल, गाइड, जिप्सी संचालन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से ग्रामीणों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में पर्यटकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
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