सुमन रोडमैप से मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में लायें गति कुपोषित बच्चों के उपचार पर रहे विशेष ध्यान
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में आज जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में हटा विधायक माननीय उमादेवी खटीक विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति को निरंतर बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिए कि जहां उपलब्धि है उसे बनाए रखें और जहां कमी है, वहां कारण जानकर कार्ययोजना के साथ सुधार सुनिश्चित करें।कलेक्टर श्री यादव ने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिले के अंतर्गत ऐसी पंचायतें सुनिश्चित की जाएं, जहां जनवरी से दिसंबर 2026 तक कोई भी मातृ-मृत्यु और शिशुमृत्यु दर्ज न हो। बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर पर सुमन रोडमैप प्रोजेक्ट के शुभारंभ अवसर पर गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव के लिए जिला दमोह द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए कलेक्टर के विशेष सहयोग का आभार व्यक्त किया।

विभागवार समीक्षा एवं निर्देश मातृ-शिशु स्वास्थ्य व सुमन पंचायत- सुमन रोडमैप का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है। जिला स्तर पर सिविल अस्पताल हटा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
एएनसी पंजीयन व एनीमिया प्रबंधन- शहरी क्षेत्र में 79 प्रतिशत एएनसी पंजीयन होने पर अपेक्षित सुधार की बात कही गई। इसके साथ ही, मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया के प्रबंधन के लिए हटा बीएमओ द्वारा किए जा रहे प्रयासों और पीआईएच मैनेजमेंट में हो रहे सुधार की सराहना की गई।
आरकेएसके में दूसरा स्थान- राज्य स्तरीय साथिया समागम कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन में दमोह जिले को दूसरा स्थान प्राप्त होने पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी सहित टीम को सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने टीम को बधाई देते हुए किए समन्वित प्रयासों को निरंतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। आरकेएसके कार्यक्रम के तहत किए जा रहे भुगतान में देरी को देखते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।
मलेरिया नियंत्रण- जिला मलेरिया अधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि मलेरिया नियंत्रण में विगत माह की 82 प्रतिशत उपलब्धि के मुकाबले इस माह 6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 88 प्रतिशत स्कोर हासिल हुआ है। हटा ब्लॉक में कम उपलब्धि पाए जाने पर ध्यान देने को कहा गया। शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण- जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान ने पूर्ण टीकाकरण की रिपोर्ट प्रस्तुत की। शहरी क्षेत्र में कम उपलब्धि पर नोडल अधिकारी ने बताया कि निजी अस्पतालों में किए गए टीकाकरण की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाई है। कुमेरिया (पथरिया) में पेंटा-फर्स्ट की कमी का कारण बच्चों का पलायन बताया गया, वहीं जबेरा बीएमओ ने 6 उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारी विहीन होने की जानकारी दी।
गैर संचारी रोग व क्षय रोग- जिला अस्पताल दमोह में गैर संचारी रोगों की प्रविष्टि पोर्टल पर लक्ष्य अनुरूप परिलक्षित न होने पर प्रभारी सिविल सर्जन को पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए गये। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटेरा
और सिविल अस्पताल हटा में लक्ष्य के अनुरूप कम प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए पटेरा बीएमओ को आवश्यक सुधार और हटा बीएमओ को सख्त हिदायत देते हुए अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए।
क्षय रोग अधिकारी डॉ. गौरव जैन ने बताया कि स्क्रीनिंग और फूड बास्केट वितरण में सुधार हुआ है। 10 प्रतिशत प्रगति के साथ 41 प्रतिशत एक्स-रे किए गए हैं और जांच के मामले में जिला राज्य स्तर पर चौथे स्थान पर है।
एनआरसी- पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों की सावधानी पूर्वक देखभाल, निगरानी एवं समुचित उपचार के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सके। सराहना एवं उपस्थिति 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सीएम हेल्पलाइन के क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ए ग्रेड हासिल करने पर कलेक्टर ने पूरी टीम को बधाई दी और इस सामूहिक प्रयास की सराहना की। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. ए पी जैन,जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान, जिला क्षय अधिकारी डॉ. गौरव जैन,महिला बाल विकास अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी खंड स्तरीय अधिकारीगण, सहयोगी संगठन अंतरा फाउण्डेशन, ग्राम भारती महिला मंडल की भी उपस्थिति रही।

