– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली किया संबोधित

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सीएम डॉ. यादव का नवकरणीय ऊर्जा पर फोकस, कहा- नए अध्याय की शुरुआत कर रहा एमपी

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली किया संबोधित
– 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
– देश-विदेश के निवेशकों से प्रदेश की ऊर्जा क्रांति में सहभागी बनने की अपील

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जुलाई को नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा विभिन्न कपंनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर टैरिफ स्थापित कर भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। शाजापुर-नीमच सौर परियोजनाओं ने 2.14 रुपये प्रति यूनिट का प्रदेश में सबसे कम टैरिफ अर्जित किया। हाल ही में मुरैना में चार घंटे की स्टोरेज परियोजना के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट पर पीपीए हुआ, यह देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियां, त्वरित निर्णय और उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्य प्रदेश की ऊर्जा क्रांति के सहभागी बनने का अनुरोध किया।

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता है हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल परियोजनाएं स्थापित करना नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगी। नई दिल्ली की प्री-बिड मीटिंग में टाटा पावर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पावर, जिंदल रिन्युएबल, एन.टी.पी.सी., अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पॉवर, महिंद्रा सिस्टम आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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