जल…संकट में इंदौर; पानी के लिए झगड़े-चक्काजाम; बोरिंग सूखे:भीषण गर्मी में टैंकरों का इंतजार, लोग बोले- ऐसे नेताओं को अब वोट नहीं

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इंदौर इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। लगातार आठ बार देश में स्वच्छता का ताज पहनने वाले शहर में अब हालात ऐसे हैं कि हजारों परिवार जल संकट से जूझ रहे हैं।

कहीं महिलाएं खाली बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी भरने जा रही हैं, तो कहीं लोग घंटों टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर हैं। कई इलाकों में दो-दो दिन बाद पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई जगहों पर लोग सड़क पर उतर आए हैं। चक्काजाम कर रहे हैं, मटके फोड़ रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। शहर में पानी अब सबसे बड़ा संकट बन चुका है।शहर के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। कई कॉलोनियां पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि टैंकर आने पर लोगों में पानी भरने को लेकर विवाद और झड़पें तक हो रही हैं। कई घरों के बाहर टंकियां, ड्रम और बाल्टियां पहले से सजाकर रखी जा रही हैं ताकि टैंकर आते ही पानी भरा जा सके।

जल संकट अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। कई इलाकों में लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किए हैं। कांग्रेस ने शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों पर प्रदर्शन कर खाली मटके फोड़े।

तपेश्वरी बाग की पानी टंकी पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। यहां तक कि गुस्साए लोगों ने हाइड्रेंट तक तोड़ दिया, जिसकी शिकायत नगर निगम कर्मचारियों ने थाने में दर्ज कराई।

विकास नगर में महिलाएं और पुरुष सड़क पर बैठ गए और पार्षद के साथ मिलकर रोड जाम कर पानी की मांग की। वीणा नगर में पानी की टंकी पूरी नहीं भरने पर धरना दिया गया। कई क्षेत्रों में लोगों ने जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करने तक की चेतावनी दी।

नगर निगम का कहना है कि भूजल स्तर गिरने और आधे से ज्यादा बोरिंग सूखने के कारण संकट बढ़ा है। इससे निपटने के लिए नर्मदा परियोजना की टंकियों से सप्लाई के साथ-साथ 616 किराए के और 79 नगर निगम के टैंकरों से नि:शुल्क पानी वितरित किया जा रहा है।

नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई ड्राइवर, क्लीनर या अन्य व्यक्ति पानी के बदले पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत 9244998811, कंट्रोल रूम नंबर 8889855520 या 311 ऐप पर करें।

गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर ने रानी सती गेट क्षेत्र में एक टैंकर की जांच की। टैंकर पर निगम का स्टीकर नहीं लगा था। जब कमिश्नर उसके पीछे-पीछे पार्श्वनाथ जैन कॉलोनी पहुंचे और लोगों से पूछताछ की, तो पता चला कि पानी के बदले पैसे लिए जा रहे हैं।

इसके बाद टैंकर जब्त कर एजेंसी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, लसूडिया मोरी क्षेत्र में भी बिना स्टीकर वाले दो टैंकर पकड़े गए। इन पर 10-10 हजार रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए। इससे पहले एमआईसी मेंबर ने भी एक टैंकर को पकड़ा था

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