बसों में पैनिक बटन और सीसीटीवी अनिवार्य, नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्यवाही
संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी के सख्त निर्देशः मानकों के विरुद्ध दौड़ रही बसों पर कसेगा शिकंजा
15 साल से पुरानी बसों के संचालन पर रोक
संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने यात्री बसों और स्कूल बसों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नए नियमों के तहत अब सभी यात्री बसों में पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरा और आपातकालीन निकास की सुविधा होना अनिवार्य है। साथ ही अब संभाग में 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के संचालन को प्रतिबंधित किया जाएगा। यह कदम पुरानी बसों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने और बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
अब बसों में चढ़ने और उतरने के लिए दो अलग-अलग दरवाजो का होना आवश्यक है। बसों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और किसी भी आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन की सुविधा सुनिश्चित करनी होगी। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी बस में अनधिकृत रूप से मॉडिफिकेशन (बदलाव) पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल बसों के लिए विशेष नियम
स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्कूल बसों का उपयोग केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए ही किया जाएगा; इनका उपयोग किसी अन्य व्यावसायिक या निजी कार्यों में पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। साथ ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्कूल बस में एक प्रशिक्षित केयर टेकर का होना अनिवार्य कर दिया गया है। बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा मानकों की समय-समय पर सघन जांच की जाएगी।
संभागायुक्त श्री सुचारी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन नियमों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन करवाएं और नियमित चेकिंग अभियान चलाएं ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुगम हो सके।
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