वनपरिक्षेत्र में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर अब मानवीय संवेदनाओं पर

[metaslider id="122"]

क्षेत्र अंतर्गत कुंवारपुर
वनपरिक्षेत्र में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर अब मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर रही है। विभाग ने कम्पार्टमेंट क्रमांक 1271 की वनभूमि पर अवैध कब्जा हटाने के दौरान निर्माणाधीन मकानों को ध्वस्त कर दिया, लेकिन इस कार्रवाई में एक दृष्टिहीन महिला का आशियाना उजड़ने से मामला चर्चा का विषय बन गया है। वही जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा वनभूमि पर झिल्ली और मिट्टी से अस्थायी मकान बनाकर कब्जा किया जा रहा था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटा दिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान बेघर हुई मुन्नी बाई, जो दोनों आंखों से दृष्टिहीन हैं, ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वह मजबूरी में यहां घर बना रही थीं। उनके पति टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और पारिवारिक विवाद के चलते उन्हें अलग रहना पड़ रहा था।
मुन्नी बाई ने भावुक होकर कहा,
मैं दोनों आंखों से अंधी हूं, मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं… अब मैं कहां जाऊं? वन विभाग ने मेरा घर तोड़ दिया, अब हमारे पास रहने की कोई जगह नहीं है। वही महिला का आरोप है कि कर्मचारियों ने न केवल उनका घर तोड़ा बल्कि निर्माण में उपयोग की गई लकड़ी भी जब्त कर ली।
वहीं अन्य कब्जाधारी बनवसिय ने भी बताया कि वन विभाग द्वारा उनके निर्माणाधीन घर को तोड़ दिया गया है। इस मामले में वन विभाग के फॉरेस्टर रामायण शर्मा ने बताया कि वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है। कुछ लोगों द्वारा वनभूमि पर कब्जा किया गया था, जिसे हटाया गया है। लकड़ी जब्त की गई है और संबंधित व्यक्तियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला अब केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक दिव्यांग और बेघर महिला के पुनर्वास का मुद्दा बन गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिला को तत्काल राहत और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
श्रीराम चौहान
9111344597

[metaslider id="122"]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights