लटेरी।
सांदीपनि विद्यालय की नवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम ने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वर्ष 335 विद्यार्थियों में से मात्र 87 ही उत्तीर्ण हो पाए, जबकि करीब 245 छात्र फेल हो गए। रिजल्ट घोषित होते ही दूसरे-तीसरे दिन से बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंचकर कॉपियों की पुनः जांच के लिए आवेदन दे रहे हैं, जिससे मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
—
एक नजर में (तथ्य)
कुल छात्र: 335
पास: 87
फेल: 245
स्टाफ: 65 शिक्षक (रेगुलर + गेस्ट)
—
पिछले साल से भारी गिरावट
सत्र 2024-25 में नवीं कक्षा में 278 छात्र दर्ज थे, जिनमें से 146 पास, 100 फेल और 32 छात्रों को सप्लीमेंट्री मिली थी। इस साल परिणाम में आई भारी गिरावट ने सवाल और गहरे कर दिए हैं।
—
65 शिक्षक, फिर भी पढ़ाई पर सवाल
विद्यालय में 65 शिक्षकों का स्टाफ होने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के फेल होने से पढ़ाई की गुणवत्ता, मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
—
प्रभारी ने गिनाईं वजहें
प्रभारी श्याम दास बैरागी ने खराब परिणाम के पीछे छात्रों की अनियमितता को प्रमुख कारण बताया। उनके अनुसार कई छात्र नियमित कक्षाएं नहीं लेते, कुछ छात्र बाउंड्री कूदकर चले जाते हैं और प्राइवेट स्कूल से आने वाले कुछ छात्र पढ़ाई में कमजोर होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी बिल्डिंग में जगह की कमी से पढ़ाई प्रभावित हुई और वर्तमान में अनुशासन लागू करना भी चुनौतीपूर्ण है।
—
अभिभावकों के गंभीर आरोप
अभिभावक संतोष बैरागी ने परिणाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बेटे ने आठवीं में 80% अंक प्राप्त किए थे, लेकिन इस बार हिंदी में मात्र 7 अंक मिलने से वह फेल हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कोचिंग से जुड़े छात्रों को पास किया जाता है, जबकि अन्य छात्रों के साथ भेदभाव होता है। साथ ही उन्होंने कॉपियों की दोबारा जांच की मांग की है।
—
कॉपी जांच के लिए उमड़ रही भीड़
रिजल्ट के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचकर री-चेकिंग के आवेदन दे रहे हैं, जिससे पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
—
शिक्षा विभाग सख्त, नोटिस जारी होगा
विकासखंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है।
—
छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
नई गाइडलाइन के अनुसार, 6 विषयों में फेल छात्रों को पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा।
—
बड़े सवाल
एक साल में रिजल्ट इतना क्यों गिरा?
65 शिक्षकों के बावजूद पढ़ाई क्यों नहीं सुधरी?
क्या मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष रही?
क्या जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
[metaslider id="122"]