संवाददाता वासुदेव वाणी जोबट
गायत्री शक्तिपीठ में, गायत्री महायज्ञ के लिए उमड़ा जन सैलाब ।। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में नवरात्रि पर्व पर प्रातः 4:00 बजे से श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो जाता है, कई भाई बहन सामूहिक जप करते हैं, प्रातः6:00 से 8:00 तक गायत्री महायज्ञ संपन्न किया जाता है, पहले 11 कुंडीय, फिर 13 कुंडी य, अब यज्ञ के लिए इतना जन सैलाब शक्तिपीठ में उमड़ रहा है कि 15 कुंडीय यज्ञ तीन पालियो में संपन्न हो रहा है, यज्ञ में गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय , दुर्गा , सरस्वती, गणेश, गौ माता, सूर्य देवता, जल देवता, इंद्र देवता, अनिष्ट निवारण, नवग्रह, सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए, राष्ट्र शक्तिशाली हो इस तरह से प्रति यजमान लगभग 50 आहुति दे रहा है 15 कुंडीय यज्ञ में तीन पारियों में 400 से अधिक य जमान भागीदारी कर 20000 से अधिक आहुति प्रतिदिन दे रहे हैं, इतना जन सैलाब पिछले दिनों में देखने को नहीं मिला, यजमानों में अपार श्रद्धा देखने को मिल रही है, सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में पंच कुंडीय यज्ञ प्रतिदिन संपन्न हो रहा है, शक्तिपीठ में साइन काल 7:00 से 8:00 तक दीप महायज्ञ का आयोजन हो रहा है, यज्ञ संचालन में आचार्य भाई-बहन उपस्थित परिजनों को बता रहे हैं कि जिस प्रकार सरस्वती ज्ञान की देवी है, लक्ष्मी धन की देवी है इसी प्रकार मां गायत्री सद्बुद्धि की देवी है, प्रतिदिन गायत्री महामंत्र के जप से व्यक्ति दिन प्रतिदिन उन्नति करता चला जाता है घर परिवार में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रहती है, बच्चों को जल्दी सोने जल्दी उठने, बड़ों को प्रणाम करने, बेसन फैशन से दूर रहने की बात बताई जा रही है ,यज्ञ के माध्यम से अल्प वर्षा के कारण पानी का संग्रह कम हुआ है, बताया जा रहा है कि अनावश्यक गाड़ी, रोड , आंगन धोकर पानी न बहाए, पानी भर जाने पर नलों की टोटी, वॉल तुरंत बंद कर देवे, जितना पानी पी सके उतना ही ले, हर पारी में बताया जा रहा है, साथ ही प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा पर दमां एवं स्वास के रोगियों को खीर में दवाई दी जाती है जिससे विगत वर्षों में हजारों मरिज ठीक हो गए हैं, इस वर्ष भी 25 अक्टूबर को खीर में दवाई दी जावेगी, अभी से अपना, परिवारजन, रिश्तेदारों में मरिज हो ,पंजीयन करवा लीजिए, साथ ही प्रतिवर्ष ठंड के मौसम में नगर से नए एवं पुराने कपड़े एकत्र कर ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किये जाते है, शक्तिपीठ में कपड़ा बैंक में कपड़ा धोकर, प्रेस कर जमा करने हेतु समझाइए दी गई, माताजी का जन्म शताब्दी वर्ष, अखंड दीप का शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में मिशन के सात सूत्रीय कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नारी जागरण, वृक्षारोपण, नशा मुक्ति आदि पर अधिक से अधिक काम करने की समझाइए देने की बात आचार्य भाई बहनों के द्वारा मंच से कहीं जा रही है, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन के कार्य किए जा रहे हैं, प्रतिदिन कार्यक्रम का समापन विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान कर किया जा रहा है, कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सभी भाई-बहन सहयोग कर रहे हैं, जानकारी मीडिया प्रभारी शिवराम वर्मा ने दी।
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