भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में 17 अगस्त को आस्था का दुर्लभ और ऐतिहासिक संगम देखने को मिलेगा। इस दिन सावन का तीसरा सोमवार, बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी और नागपंचमी एक साथ पड़ रहे हैं। इसी अवसर पर वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट पूरे 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। करीब सात साल बाद बन रहे इस संयोग के चलते 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उज्जैन में बनेगा दुर्लभ संयोग, सावन सोमवार, महाकाल की शाही सवारी और नागपंचमी एक साथ
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