जिन क्षेत्रों में जल संकट है या भविष्य में होने की संभावना है, वहाँ प्रशासनिक टीम के साथ पहुँचकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है- कलेक्टर श्री कोचर
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‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत किया जाएगा जूड़ी नदी का गहरीकरण
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जूड़ी नदी में सीवरेज से प्रदूषण, प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश

कलेक्टर श्री कोचर ने आज बटियागढ़ क्षेत्र का किया निरीक्षण
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जिन क्षेत्रों में जल संकट है या भविष्य में होने की संभावना है, वहाँ प्रशासनिक टीम के साथ पहुँचकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यह बात आज कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बटियागढ़ क्षेत्र के 10 से अधिक ग्रामों का व्यापक निरीक्षण करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जूड़ी नदी का गहरीकरण किया जायेगा। उन्होंने जूड़ी नदी में सीवरेज से प्रदूषण को रोकने के प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर तहसीलदार, जनपद सीईओ, पीएचई विभाग और जल निगम की टीमें मौजूद थीं।
निरीक्षण के पहले पड़ाव बटियागढ़ में सरपंच द्वारा जानकारी दी गई कि दो टपरियों में पानी की समस्या है, जबकि अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिनों के भीतर हर हाल में समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर श्री कोचर ने कहा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जूड़ी नदी की पहले कराई गई सफाई के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। इसी को आगे बढ़ाते हुए इस बार नदी के गहरीकरण का कार्य बड़े पैमाने पर किया जाएगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और अगले डेढ़ महीने में कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि जूड़ी नदी में सीवरेज का पानी मिल रहा है, जिससे पानी में बदबू और प्रदूषण बढ़ रहा है। इस पर कलेक्टर श्री कोचर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समस्या के समाधान के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न निधियों से वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा बटियागढ़ क्षेत्र के तीन प्रमुख मुद्दों यथा जल संकट, नदी गहरीकरण और जल प्रदूषण पर आज विस्तार से चर्चा की गई है और इनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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