स्कूलों में संचालित मारुति वैन, स्कूल बसों के विरुद्ध सघन चेकिंग कार्रवाई
मप्र रटेड हेड एस के पटैल चाणक्य न्यूज़ इंडिया
एलपीजी गैस किट से संचालित 01 ओमनी वैन जब्त, एफआईआर की कार्रवाई जारी
03 ई-रिक्शा भी जब्त
स्कूल में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राएं जो स्कूली वाहनों से स्कूल आते-जाते हैं, उनकी सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर महोदया, सागर के निर्देश पर दिनांक 08.10.2026 को देवरी में स्कूली वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। मारुति वैन क्रमांक MP15BA2623 रॉयल पब्लिक स्कूल, देवरी के बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य कर रही थी, जिसे रोककर चेक किया गया। उक्त वाहन के चालक से वाहन के कागजात मांगे गए तो उन्होंने कोई भी दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए।
वाहन के पीछे के भाग की डिक्की के गेट को खोलकर देखा गया तो वाहन में एलपीजी गैस किट लगी हुई थी, जिसके ऊपर बच्चों को बैठाने के लिए सीट लगाई गई थी। अर्थात वाहन को एलपीजी गैस से चलाया जा रहा था। मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 388 दिनांक 18 सितम्बर 2019 के बिंदु क्रमांक 3(19) में उल्लेखित है, ‘‘शैक्षणिक वाहनों का एलपीजी ईंधन द्वारा संचालन प्रतिबंधित रहेगा।’’ अर्थात उक्त वाहन द्वारा उपरोक्त राजपत्र के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा था।
उक्त वाहन इस कार्यालय में प्राइवेट श्रेणी में पंजीकृत होकर अनाधिकृत तरीके से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य कर रही थी, जो कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-39 का उल्लंघन है। क्योंकि जो वाहन जिस कार्य के लिए पंजीकृत होता है, उस वाहन का उपयोग उसी कार्य के लिए किया जा सकता है। इस कारण मारुति वैन क्रमांक MP15BA2623 को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 207 के तहत जब्त कर कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर के परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। साथ ही उक्त वाहन के विरुद्ध पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में शहरी क्षेत्र में बिना चालक लाइसेंस, ओवर स्पीड, बिना पंजीयन, बिना बीमा के 03 ई-रिक्शा वाहनों को जब्त कर कार्यालय में सुरक्षार्थ रखा गया है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा बताया गया कि लगातार चेकिंग के बाद भी कुछ वाहन स्वामियों द्वारा एलपीजी गैस किट लगाकर स्कूलों में वाहन संचालित किए जा रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ है एवं सुरक्षा मानकों के विपरीत है। बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए समस्त अभिभावकों से बार-बार यह अपील की जा रही है कि वह बच्चों को ऐसे स्कूली वाहन में स्कूल न भेजें जो एलपीजी गैस किट से संचालित है या अनफिट प्रतीत हो रहे हैं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने समस्त स्कूल बस संचालकों को हिदायत दी गई कि वह स्कूल बसों का संचालन माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत समस्त बिंदुओं का पालन करें तथा वाहन में स्पीड गवर्नर, वाहन की कंडीशन, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैवी लाइसेंस एवं निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन करें तथा स्कूली वाहन में बैठक क्षमता अनुसार ही छात्र/छात्राओं को बैठाएं। यदि चेकिंग के दौरान उक्त कमियों के वाहन संचालित होते हुए पाए गए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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