सड़क पर गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश – कलेक्टर श्री यादव
==म प्र रटेड हेड एस के पटैल
गौवंश संरक्षण अभियान को मिली गति, एनएच की नई काउ लिफ्टर वाहन का शुभारंभ
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सड़क से गौशाला अभियान जारी, निराश्रित गौवंश को सुरक्षित पहुंचाने के लिए बढ़ाई गई व्यवस्था
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जिले में निराश्रित एवं सड़क पर विचरण करने वाले गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए संचालित “सड़क से गौशाला” अभियान को अब और गति मिलेगी। अभियान के दौरान वाहनों की उपलब्धता में आ रही समस्या को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर एनएचआई (नेशलन हाइवे अथॉरटी ऑफ इंडिया) प्रबंधन द्वारा नया काउ लिफ्टर वाहन उपलब्ध कराया गया है। आज वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान के लिए रवाना किया।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा अभियान का उद्देश्य गौवंश को सड़क पर बैठने और दुर्घटनाओं का शिकार होने से बचाना है। सड़क पर गौवंश के मौजूद रहने से आवागमन भी प्रभावित होता है तथा कई बार वाहन दुर्घटनाओं में गौवंश और आमजन दोनों घायल होते हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निराश्रित गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा जब तक जिले के सभी निराश्रित गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक नहीं पहुंचा दिया जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। ग्राम पंचायतों के माध्यम से तथा हांका दलों की सहायता से गौवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा शहर में विशेष रूप से सांड एवं नंदी जैसे गौवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना कई बार कठिन होता है। ऐसे मामलों में काउ लिफ्टर वाहन की सहायता से गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब 6 हजार गौवंश पहुंचा गौशालाओं में
श्री यादव ने कहा अभियान के तहत अब तक करीब 6 हजार गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाया जा चुका है। अभियान शुरू करने से पहले गौपालकों से अनुरोध किया गया था कि वे अपने गौवंश को अपने परिसर एवं सुरक्षित परिवेश में रखें।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के सभी गौपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गौवंश को सुरक्षित रूप से अपने परिसर में रखें। यदि किसी कारणवश गौवंश को रखना संभव नहीं है तो उसे गौशाला पहुंचाएं। गौशाला तक पहुंचाने में असमर्थ होने की स्थिति में प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा गौवंश की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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