महाकाल की सवारी से पहले जानिए क्या रहेगी नई व्यवस्था

श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की सवारियों को लेकर उज्जैन जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा निर्णय यह है कि मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर मोबाइल के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ताकि श्रद्धालु फोटो-वीडियो बनाने में समय न गंवाएं और सभी को कम समय में सहज दर्शन मिल सकें।
प्रशासन के अनुसार इस वर्ष भी श्रावण-भादौ के दौरान करीब 1.75 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। इसे देखते हुए नगर निगम, पुलिस, बिजली विभाग और अन्य एजेंसियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य व्यवस्थाएं:
* पहली सवारी: 3 अगस्त 2026
* अंतिम राजसी सवारी: 7 सितंबर 2026
* 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 3 बजे, जबकि हर सोमवार 2:30 बजे खुलेंगे।
* आम श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय (त्रिवेणी गेट) से होगा।
* शीघ्र दर्शन के लिए गेट नंबर 1 और 5 निर्धारित किए गए हैं।
* कांवड़ यात्री मंगलवार से शुक्रवार तक ही जल अर्पित कर सकेंगे।
* पूरे सवारी मार्ग पर सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 15 मेडिकल टीमों की तैनाती रहेगी।
* सवारी में देशभर के जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुतियां, अलग-अलग थीम और 5 एलईडी रथ आकर्षण का केंद्र होंगे।
