
प्रदेश के बहुचर्चित सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाते हुए अब अगली सुनवाई 15 अप्रैल तय की है।
मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन कोर्ट ने इसे स्थगित कर दिया। साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर 15 अप्रैल को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि, एमपी-एमएलए कोर्ट ने सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता भी शून्य घोषित कर दी थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए कांग्रेस ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सियासत गरमाई, आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अदालत का फैसला ही अंतिम सत्य है और कानून अपना काम कर रहा है।
कानूनी दांव पर टिकी सदस्यता बहाली
राजनीतिक गलियारों में इस केस को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या हाईकोर्ट से राहत मिलने पर राजेंद्र भारती की सदस्यता बहाल हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें 15 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट के रुख से आगे की सियासी दिशा तय हो सकती है।
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